सरायपाली नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की पहल: 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी पर कराएं TB जांच, जागरूकता अभियान तेज

सरायपाली नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की पहल: 2 हफ्ते से ज्यादा खांसी पर कराएं TB जांच, जागरूकता अभियान तेज

सरायपाली क्षेत्र स्थित नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुटा (सिंघोड़ा) द्वारा विश्व टी.बी. दिवस (24 मार्च 2026) के अवसर पर टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को 2 सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत टीबी की जांच कराएं।

अभियान के तहत बताया गया कि टीबी के प्रमुख लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना आना और वजन कम होना शामिल हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर जांच और पूरा इलाज कराने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

अस्पताल प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि टीबी की जांच और उपचार सरकार द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही मरीजों को सलाह दी गई कि वे इलाज को बीच में न छोड़ें, अन्यथा बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जागरूकता और समय पर उपचार ही टीबी जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

“आइए मिलकर टीबी को हराएं और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करें।”

बसना/सरायपाली टोल प्लाजा के पास मौत की रफ्तार! मां-बेटे की दर्दनाक मौत, पीछे से आई कार बनी काल

बसना/सरायपाली टोल प्लाजा के पास मौत की रफ्तार! मां-बेटे की दर्दनाक मौत, पीछे से आई कार बनी काल

बसना/सरायपाली। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र में NH-53 पर हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। ग्राम बानीपाली निवासी एक युवक और उसकी मां की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बानीपाली निवासी कमलेश कलेत उर्फ पिंटू अपनी माता राधिका कलेत के साथ मोटरसाइकिल (हीरो स्प्लेंडर क्रमांक CG06HD8563) से किसी कार्य से छुईपाली की ओर जा रहे थे। दोपहर करीब 1 बजे जब वे NH-53 पर टोल प्लाजा के पास ग्राम छुईपाली पहुंचे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार महिंद्रा XUV (क्रमांक OD02F8585) ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल एम्बुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरायपाली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शी रमेश सारथी के अनुसार, कार चालक अत्यधिक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए, जहां मातम का माहौल छा गया। पुलिस ने मामले में थाना बसना में रिपोर्ट दर्ज कर ली है और आरोपी वाहन चालक के खिलाफ धारा 106(1)-BNS के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह हादसा एक बार फिर नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।

रायपुर : माता कौशल्या महोत्सव 2026 का मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया शुभारंभ

रायपुर : माता कौशल्या महोत्सव 2026 का मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने किया शुभारंभ

भगवान श्री राम हम सबके आराध्य, छत्तीसगढ़ सरकार उनके बताए हुए मार्ग पर चल रही है महिला सशक्तिकरण को समर्पित माता कौशल्या महोत्सव 2026

रायपुर जिले के आरंग विकासखंड अंतर्गत चंदखुरी ग्राम में माता कौशल्या महोत्सव 2026 का शुभारंभ कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मानस मंडली एवं सुप्रसिद्ध कलाकार श्रीमती पूनम विराट तिवारी को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में “महतारी वंदन योजना” की 25वीं किस्त जारी कर महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या में 500 वर्षों बाद भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। भगवान श्री राम हम सबके आराध्य हैं। छत्तीसगढ़ सरकार उनके बताए हुए रास्ते पर चल रही हैं।

मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “रामलला दर्शन योजना” के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी है तथा महिला आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंत्री ने आगे कहा कि सभी के सहयोग से इस महोत्सव को और अधिक भव्य बनाया जाएगा। साथ ही नवा रायपुर में फिल्म सिटी, मेडिसिटी सहित विभिन्न विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

माता कौशल्या महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और पहचान को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण मंच भी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से जहां एक ओर श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूती मिलती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होता है। मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

माता कौशल्या महोत्सव 2026 न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है, बल्कि राज्य सरकार की सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यटन विकास के प्रति प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है, जिससे चंद्रखुरी धाम आज छत्तीसगढ़ की नई पहचान के रूप में स्थापित हो रहा है।

कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि माता कौशल्या महोत्सव महिला सशक्तिकरण को समर्पित है। उन्होंने बताया कि महोत्सव में महिलाओं द्वारा संचालित स्टॉल लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से वे स्व-रोजगार को बढ़ावा दे रही हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

लाल आतंक पर निर्णायक प्रहार: बस्तर में हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव सहित कुल 18 माओवादियों का आत्मसमर्पण

लाल आतंक पर निर्णायक प्रहार: बस्तर में हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव सहित कुल 18 माओवादियों का आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री ने कहा—नक्सलवाद अब अंतिम पड़ाव पर, बस्तर में गूंज रही विकास की आवाज़ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को आज एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बस्तर संभाग के जगदलपुर में मोस्ट वॉन्टेड हार्डकोर नक्सली कमांडर पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस आत्मसमर्पण को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार बताते हुए कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और बस्तर की धरती पर हिंसा की विचारधारा पराजित होती स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक भय और हिंसा का वातावरण बनाने वाली माओवादी विचारधारा अब समाप्ति की ओर है और बस्तर तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी, संवेदनशील और पुनर्वास केंद्रित नीतियों के कारण भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में लौटने का विश्वास पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का भरोसा मिले, तो हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास के मार्ग को अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में बंदूक की आवाज़ नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और नई उम्मीदों की गूंज सुनाई दे रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे कार्यों ने बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के सशक्त मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि नक्सलमुक्त भारत का संकल्प अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। उन्होंने सुरक्षाबलों के साहस, समर्पण और रणनीतिक कार्रवाई की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि माओवाद के पूर्ण खात्मे के साथ बस्तर में शांति, विकास और विश्वास की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ देश के सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

महासमुंद: अवैध गैस रिफिलिंग के सामान पर शिकंजा, दो वाहन सहित 8 लाख की जब्ती

महासमुंद: अवैध गैस रिफिलिंग के सामान पर शिकंजा, दो वाहन सहित 8 लाख की जब्ती

घरेलू गैस से अवैध रिफिलिंग का भंडाफोड़, 8 लाख का सामान जब्त — एक गिरफ्तार
बागबाहरा (महासमुंद), 25 मार्च।
बागबाहरा पुलिस ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों से अवैध रूप से वाहनों में गैस भरकर मुनाफा कमाने के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से गैस सिलेंडर, रिफिलिंग मशीन, पाइप तथा दो चारपहिया वाहनों सहित लगभग 8 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना बागबाहरा में पदस्थ उप निरीक्षक शिव कुमार प्रसाद अपने हमराह स्टाफ के साथ 25 मार्च को अपराध पतासाजी के लिए नगर में पेट्रोलिंग पर निकले थे। इसी दौरान बस स्टैंड के पास मुखबिर से सूचना मिली कि व्यापारी तालाब के पास एक व्यक्ति घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रूप से वाहनों में एलपीजी गैस भर रहा है।
सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति वेगनआर कार की डिग्गी में रखे सिलेंडर से मशीन के जरिए गैस रिफिलिंग करते मिला। पुलिस को देखकर वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम राजकुमार पटेल (38 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 02, झलप चौक बागबाहरा बताया। मौके पर खड़ी एक ईको कार की तलाशी लेने पर उसमें 6 गैस सिलेंडर पाए गए। कुल मिलाकर आरोपी के पास से 7 घरेलू गैस सिलेंडर (इंडेन व एचपी कंपनी), गैस रिफिलिंग मशीन (टुल्लू पंप), पाइप-रेगुलेटर सेट, एक वेगनआर व एक ईको कार तथा दोनों वाहनों के आरसी कार्ड जब्त किए गए।

जांच के दौरान आरोपी गैस रिफिलिंग से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3, 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों से इस प्रकार अवैध रिफिलिंग करना अत्यंत खतरनाक है और इससे गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।

आज का राशिफल, कैसा होगा दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार जानिए दैनिक राशिफल

आज का राशिफल, कैसा होगा दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार जानिए दैनिक राशिफल

मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो): बिगड़े काम बनेंगे। निवेश मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। कोई पुराना रोग बाधा का कारण हो सकता है। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। विरोध होगा। आर्थिक नीति में परिवर्तन होगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। तत्काल लाभ नहीं होगा।

राशि फलादेश

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो): आज का राशिफल, कैसा होगा दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार जानिए दैनिक राशिफलहो सकता है। सत्संग का लाभ मिलेगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश लाभ देगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जल्दबाजी से हानि संभव है।

राशि फलादेश

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह):;वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। विशेषकर गृहिणियां लापरवाही न करें। आवश्यक वस्तुएं गुम हो सकती हैं। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे।

राशि फलादेश

कर्क,(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो): वाणी में शब्दों का प्रयोग सोच-समझकर करें। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। व्यापार में वृद्धि होगी। स्त्री वर्ग से समयानुकूल सहायता प्राप्त होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

राशि फलादेश

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे): स्थायी संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। मनपसंद रोजगार मिलेगा। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कर्ज समय पर चुका पाएंगे। बैंक-बैलेंस बढ़ेगा। नौकरी में चैन रहेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। शेयर मार्केट से लाभ होगा। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। तनाव रहेगा।

राशि फलादेश

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो): किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा पाएंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। लेन-देन में सावधानी रखें। लाभ होगा।

राशि फलादेश

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते): आय में निश्चितता रहेगी। शत्रु शांत रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय से लाभ होगा। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। दौड़धूप की अधिकता का स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ेगा। थकान व कमजोरी रह सकती है। वाणी में कड़े शब्दों के इस्तेमाल से बचें। दूसरों की बातों में नहीं आएं।

राशि फलादेश

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू): आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से खिन्नता रहेगी। बनते कामों में बाधा उत्पन्न होगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। काम में मन नहीं लगेगा। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होने से प्रसन्नता रहेगी। निवेश से लाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेंगे।

राशि फलादेश

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे): जल्दबाजी व लापरवाही से हानि होगी। राजकीय कोप भुगतना पड़ सकता है। विवाद न करें। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। बिछड़े मित्र व संबंधी मिलेंगे। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में सहकर्मी सहयोग करेंगे। लाभ होगा।

राशि फलादेश

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी): कोई अनहोनी होने की आशंका रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। रोजगार मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। कारोबार में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट मनोनुकूल लाभ देगा। बुद्धि का प्रयोग करें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। भाग्य का साथ मिलेगा।

राशि फलादेश

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा): आंखों का विशेष ध्यान रखें। चोट व रोग से बचाएं। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। आय बनी रहेगी। नौकरी में कार्यभार रहेगा। थकान महसूस होगी। सहकर्मी सहयोग नहीं करेंगे। चिंता रहेगी।

राशि फलादेश

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कारोबार से संतुष्टि रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। प्रयास सफल रहेंगे। बुद्धि का प्रयोग करें। प्रमाद न करें। निवेश से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा। व्यापार-व्यवसाय में उत्साह से काम कर पाएंगे। भाग्य अनुकूल है, जल्दबाजी न करें। प्रसन्नता रहेगी।

राशि फलादेश

महासमुंद/एनएच-353 से साराडीह मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 26 लाख 15 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली

महासमुंद/एनएच-353 से साराडीह मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 26 लाख 15 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली

महासमुंद/ जिले में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य शासन ने एनएच-353 से साराडीह तक 5.025 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के लिए 9 करोड़ 26 लाख 15 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति वित्त विभाग की सहमति के आधार पर जारी की गई है, जिसके अंतर्गत संबंधित निर्माण कार्य निर्धारित शर्तों एवं नियमों के तहत संपादित किया जाएगा। यह स्वीकृति महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा की सक्रिय पहल एवं जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप मिला।

शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, कार्य प्रारंभ करने से पहले तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना, ड्रॉइंग-डिजाइन का अनुमोदन तथा सभी शासकीय नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री चंद्रशेखर चंद्राकर ने बताया कि निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य में गुणवत्ता, मितव्ययिता एवं वित्तीय अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

इस मार्ग के स्वीकृत हो जाने से साराडीह, बरोंडा मार्ग में आवागमन सुगम हो जाएगी। लोगों को राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व केनाल लिंक मार्ग को भी शासन द्वारा स्वीकृति मिली है। 

महासमुंद/बड़ेलोरम पिथौरा में हर घर जल योजना से ग्रामीणों के जीवन में आई खुशहाली समय की बचत और रोजमर्रा के काम हुए आसान 

महासमुंद/बड़ेलोरम पिथौरा में हर घर जल योजना से ग्रामीणों के जीवन में आई खुशहाली समय की बचत और रोजमर्रा के काम हुए आसान

महासमुंद/ जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेलोरम में जल जीवन मिशन के तहत संचालित हर घर जल योजना ने ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली लाई है। कभी पानी के लिए संघर्ष करने वाला यह गांव आज स्वच्छ और सहज पेयजल उपलब्ध होने पर खुशी जाहिर करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

बड़ेलोरम के ग्रामीणजन बताते हैं कि पहले पेयजल के लिए हैंडपंप और अन्य अस्थायी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक खपत होती थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी हैकृगांव के सभी 259 घरों तक नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुँच रहा है। इस परिवर्तन के पीछे मजबूत आधारभूत संरचना का निर्माण किया गया है। गांव में 60 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी का निर्माण 93.17 लाख रुपये की लागत से किया गया। इसके साथ ही 3570 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई, जिससे हर घर तक पानी का निरंतर पहुंच रहा है। पहले से मौजूद 10 हैंडपंप और 1 पावर पंप भी जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

इस योजना की सफलता में ग्राम पंचायत की सक्रिय भूमिका रही है। सरपंच श्रीमती पदमा प्रधान और सचिव श्री सूरज साहू के मार्गदर्शन में जल प्रबंधन को प्रभावी रूप से लागू किया गया। ग्रामीणों के सहयोग से 6 फरवरी 2026 को ग्राम बड़ेलोरम को हर घर जल प्रमाणित किया गया। इसके साथ ही गांव में संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था की गई है। ग्राम समिति द्वारा प्रत्येक परिवार से 60 रुपये प्रतिमाह जल उपयोग शुल्क लिया जा रहा है, जिससे पाइपलाइन, मोटर और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित रखरखाव किया जा सके।

गांव की हितग्राही नागबाई बताती हैं कि पहले पानी लाने में काफी समय और मेहनत लगती थी, लेकिन अब घर में ही नल से पानी मिलने लगा है। इससे उनके रोजमर्रा के कार्य आसान हुए हैं और समय की भी बचत हो रही है, जिसे अब वे अन्य उपयोगी कार्यों में लगा पा रही हैं। इस तरह जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्राम बड़ेलोरम में हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने पर ग्रामीणजनों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

पिथौरा छात्रावास : अनुशासन की मेज़ से बहु-दिशीय विकास तक अनुशासन छात्राओं के विकास को बुद्धि, शरीर, चरित्र और सामाजिक संबंध की ओर समान रूप से बढ़ा रहा है आगे

पिथौरा छात्रावास : अनुशासन की मेज़ से बहु-दिशीय विकास तक अनुशासन छात्राओं के विकास को बुद्धि, शरीर, चरित्र और सामाजिक संबंध की ओर समान रूप से बढ़ा रहा है आगे

महासमुंद/ विकासखंड पिथौरा स्थित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास आज रहने और पढ़ने की सुविधा के साथ ही अनुशासन, आत्मनिर्भरता और समग्र विकास का सशक्त केंद्र बन चुका है। पिथौरा का यह छात्रावास आज अनुशासन की साधारण सी मेज़ से शुरू होकर बहु-दिशीय विकास की ओर सशक्त होकर छात्राओं के वर्तमान को संवार रहा है। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव भी तैयार कर रहा है। यहाँ की दिनचर्या सुबह की प्रार्थना, योग और व्यायाम से शुरुआत होती है। इसके साथ ही समय पर नाश्ता और कक्षाओं के लिए प्रस्थान, शाम को खेल-कूद, स्वाध्ययन और समय पर विश्राम, इसी नियमितता में वह शक्ति निहित है, जो छात्राओं के जीवन को दिशा और उद्देश्य प्रदान कर रही है।

अनुशासन छात्राओं के विकास को बुद्धि, शरीर, चरित्र और सामाजिक संबंध, चारों दिशाओं में समान रूप से आगे बढ़ा रहा है। सामूहिक स्वाध्ययन और सीमित संसाधनों के बीच सीखने की प्रक्रिया ने उन्हें संसाधनों का सही उपयोग करना सिखाया है। छात्रावास परिसर की साफ-सफाई, बागवानी और किचन गार्डन जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी ने उनमें सहयोग, जिम्मेदारी और नेतृत्व के गुणों को स्वाभाविक रूप से विकसित किया है।

बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए समाचार पत्र पढ़ने को दैनिक दिनचर्या में शामिल किया गया है। इसके साथ ही समय-समय पर आयोजित रंगोली, मेहंदी, कविता, पेंटिंग, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उनकी छिपी प्रतिभाओं को निखारने का अवसर दिया है। कैरियर काउंसलिंग सत्रों ने छात्राओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही विषय और दिशा चुनने में मार्गदर्शन दिया है, जिससे उनका आत्मविश्वास और लक्ष्य स्पष्ट हुआ है। वहीं छात्रावास में छोटे-छोटे त्योहारों का सामूहिक रूप से आयोजन और प्रत्येक छात्रा के जन्मदिन पर केक काटना, उनके बीच आत्मीयता और अपनत्व को मजबूत करता है। यह वातावरण उन्हें मानसिक रूप से प्रसन्न और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाता है।

छात्राओं की उपलब्धियाँ इस सकारात्मक माहौल का प्रमाण हैं। ऋतु ठाकुर के नेतृत्व में छात्रावास की टीम ने वॉलीबॉल प्रतियोगिता में ब्लॉक स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर जिला स्तर के फाइनल में अपनी जगह बनाई। इसी प्रकार कबड्डी प्रतियोगिता में भी टीम ने ब्लॉक स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके अलावा अन्य छात्राएँ भी स्कूल और कॉलेज स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। प्रोजेक्ट संकल्प के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला ने छात्रावास के वातावरण को और भी सकारात्मक बना दिया है। संवाद, कहानियों और प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं ने सुनने, समझने और अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की कला सीखी है। अब वे अपने जीवन की जिम्मेदारियों को समझने लगी हैं और एक नई ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर हैं।

महासमुंद/दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल – श्री चंद्रहास चंद्राकर

महासमुंद/दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल – श्री चंद्रहास चंद्राकर

महासमुंद/ दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आज बलौदाबाजार जिले से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा डीबीटी के माध्यम से राज्य के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों को 495 करोड़ 96 लाख रुपये की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गई। इसी क्रम में जिले में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिले के 35,226 पात्र हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से प्रथम किस्त के रूप में प्रति हितग्राही 10 हजार रुपये की दर से राशि अंतरित की गई एवं अतिथियों द्वारा भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जिला स्काउट एवं गाइड के अध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर, सदस्य श्रीमती निधि चंद्राकर, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि श्री चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में अनेक ऐसे परिवार हैं, जो भूमिहीन होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन करते हैं। ऐसे परिवारों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में आज जिले के 35,226 हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि अंतरित की गई है, जिससे उन्हें त्वरित लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने सभी लाभार्थियों को बधाई दी।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर ने इस दूरदर्शी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह योजना अंत्योदय की भावना को साकार करती है। इसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक सहायता भूमिहीन मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।

जिला स्काउट एवं गाइड के अध्यक्ष श्री ऐतराम साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूर्व में दी जा रही 7,000 रुपये की सहायता राशि को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति वर्ष किया गया है, जो सराहनीय निर्णय है। इससे हितग्राही परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी ने कहा कि यह योजना राज्य सहित जिले के भूमिहीन कृषक एवं श्रमिक परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनी है।

जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया जाना चाहिए। उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि वे इस राशि का उपयोग केवल दैनिक आवश्यकताओं तक सीमित न रखकर स्वरोजगार, छोटे व्यवसाय, कृषि आधारित गतिविधियों एवं उद्यानिकी कार्यों में करें, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में श्री महेंद्र सिक्का, श्री राहुल चंद्राकर, श्री प्रकाश शर्मा, एसडीएम सुश्री अक्षा गुप्ता, तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल सहित बड़ी संख्या में कृषक एवं हितग्राही उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहक परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पारंपरिक सेवा से जुड़े भूमिहीन परिवारों को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त अनुसूचित क्षेत्रों में देवस्थलों पर पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया एवं माँझी परिवारों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में अंतरित की जाती है।