बसना/सबरी माता महोत्सव को ₹2 करोड़ की वार्षिक राज्य सहायता देने की मांग, सांसद निरंजन बिशी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
रायपुर / नई दिल्ली, निरंजन बिशी ने माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ को पत्र लिखकर बसना तहसील, जिला महासमुंद के सिंघनपुर में आयोजित होने वाले सबरी माता महोत्सव के लिए ₹2.00 करोड़ की वार्षिक राज्य सहायता/अनुदान स्वीकृत करने की मांग की है।
अपने पत्र में सांसद बिशी ने कहा कि सबरी माता महोत्सव छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख एवं ऐतिहासिक आदिवासी धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन है, जो प्रतिवर्ष लगातार दस दिनों तक आयोजित होता है। इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा एवं मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
उन्होंने बताया कि महोत्सव की विशेष पहचान यह है कि दसों दिनों तक सभी श्रद्धालुओं को बिना किसी भेदभाव के निरंतर अन्न-भोग (भंडारा) प्रदान किया जाता है। इसके अलावा जनजातीय नृत्य, संगीत, लोक परंपराओं एवं धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन किया जाता है।
सांसद बिशी ने उल्लेख किया कि वर्तमान में इस पूरे आयोजन का वार्षिक व्यय लगभग ₹2 करोड़ है, जिसे सबर आदिवासी समाज एवं श्रद्धालु स्वयं वहन कर रहे हैं, जबकि इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन के लिए कोई सुनिश्चित राज्य सहायता उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने यह भी मांग की कि सबरी नारायण मंदिर परिसर में भोग मंडप, कल्याण मंडप, आदिवासी सांस्कृतिक संग्रहालय एवं सीमा दीवार का निर्माण कराया जाए, जिससे महोत्सव का आयोजन सुव्यवस्थित हो सके और आदिवासी संस्कृति को स्थायी आधार मिल सके।
पत्र में सांसद बिशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 32 प्रतिशत जनसंख्या अनुसूचित जनजातियों की है और संविधान के अंतर्गत आदिवासी आस्था स्थलों एवं संस्कृति का संरक्षण राज्य का दायित्व है। सबरी माता महोत्सव को राज्य सहायता देना खर्च नहीं, बल्कि आदिवासी कल्याण, सांस्कृतिक संरक्षण एवं समावेशी विकास में निवेश है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार इस दीर्घकालीन एवं न्यायोचित मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय ।



