महासमुंद दुग्ध उत्पादन बढ़ाने कलेक्टर सख्त, वैज्ञानिक पशुपालन और नस्ल सुधार पर दिया जोर
महासमुंद जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर पशुपालकों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में पशुधन विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, उप संचालक पशुधन विकास विभाग, जिले के सभी पशु चिकित्सक, मैदानी अमला, दुग्ध महासंघ के सुपरवाइजर तथा पशु सखियां मौजूद रहीं।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि महासमुंद में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालकों तक नियमित रूप से पहुंचकर वैज्ञानिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और संतुलित पशु आहार की जानकारी दी जाए, ताकि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
कलेक्टर ने देशी गायों में सेक्स सॉर्टेड सीमेन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। इससे अधिक संख्या में उन्नत नस्ल की बछियों का जन्म होगा, जो भविष्य में अधिक दुग्ध उत्पादन देने वाली गायें बनेंगी।
बैठक में पशु सखियों को राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों से लगे गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। पशुपालकों से कहा जाएगा कि वे अपने मवेशियों को खुला छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर बांधकर रखें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क पर छोड़े गए पशुओं से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है और ऐसे मामलों में नियमानुसार संबंधित पशुपालकों से जुर्माना वसूला जाएगा।
जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने कहा कि जिले में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना और सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने मैदानी अमले, दुग्ध महासंघ के सुपरवाइजर और पशु सखियों को अधिक से अधिक पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से जोड़ने के निर्देश दिए।
बैठक में पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि तथा पशुपालकों की आय सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना के साथ प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।



