महासमुंद/नेशनल लोक अदालत में 65,962 लंबित मामलो का निराकरण एवं 7,54,33,398 रूपये के अवार्ड पारित
महासमुंद/ न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का निराकरण एवं पक्षकारों के त्वरित सुलह एवं समझौते के आधार पर उनके प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से आज 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर द्वारा जानकारी दी गई कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व के अधीन आज जिला न्यायालय महासमुंद एवं तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा स्थित सिविल, श्रम न्यायालय एवं राजस्व न्यायालयों सहित 25 खण्डपीठो का गठन कर नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला न्यायालय परिसर के सभाकक्ष में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का विधिवत् शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश श्री प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री आनंद बोरकर, खंडपीठों के अन्य पीठासीन अधिकारीगण, खंडपीठो के लिए नियुक्त सुलहकर्ता सदस्यगण, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव श्री संदीप साहू, एवं अन्य अधिवक्तागण, बैकर्स व विभिन्न विभागों के आए अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित थे। नेशनल लोक अदालत की उक्त सभी खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं देयकां के अवशेष बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे। उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि0 की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संबंधी मामले तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत बकाया अथवा विद्युत चोरी के मामले तथा सिविल मामले भी नियत किये गये थे। उक्त खण्डपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए जिला महासमुंद स्थित विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण किया गया।
इसी प्रकार प्री-लिटिगेशन संबंधित मामलों में बैंक रिकवरी के 4 हजार 631 प्रकरणों में 30 लाख 59 हजार 870 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार विद्युत के 14 हजार 329 प्रकरणों में 52 लाख 02 हजार 900 रूपए, श्रम प्रकरण के 41 मामलों में 16 लाख 50 हजार 400 रूपए, एमएसीटी के 27 प्रकरण में. 3 करोड़ 33 लाख 75 हजार रूपए, एनआई एक्ट-138 के 30 प्रकरणों में एक करोड़ 40 लाख 25 हजार 212 रूपए तथा 231 अन्य सिविल प्रकरणों का निराकरण कर एक करोड़ 69 लाख 47 हजार 116 रूपए अवार्ड पारित किया गया। जिले के सभी तहसील एवं अनुभाग क्षेत्रों के राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 43 हजार 122 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में् सुलह एवं समझौता के आधार पर विभिन्न खंडपीडों के माध्यम से कुल 65 हजार 962 प्रकरणों का निराकरण किया गया और उनमें 07 करोड़ 54 लाख 33 हजार 398 रूपए की राशि के आवार्ड पारित किए गए। विदित हो कि आज दिनांक 14 मार्च 2026 को पूरे देश भर में माननीय उच्चतम न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक के न्यायालयों में एक साथ हाईब्रिड नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसके सफल आयोजन हेतु विगत कई माह से अनवरत तैयारी की जा रही थी और पक्षकारों को नियत सुनवाई दिनांक के पूर्व राजीनामा हेतु नोटिस प्रेषित कर प्री-सीटिंग कर राजीनामा करने हेतु प्रोत्साहित किया गया था। इसके अलावा आज आयोजित नेशनल लोक अदालत के अवसर पर विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया।
जिसमें बड़ी संख्या में न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारीगण, अधिवक्तागण तथा अपने प्रकरण में उपस्थित पक्षकारगणों एवं विभिन्न विभागों से आए अधिकारी-कर्मचारियों का निःशुल्क स्वास्थ्य जांच किया गया। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में महासमुंद अधिवक्तागण एवं न्यायालय के कर्मचारियों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ।



