महासमुंद जिले में 14 हजार 788 श्रमिकों को 4 करोड़ 68 लाख से अधिक की राशि वितरित श्रमिकों के कल्याण हेतु शासन प्रतिबद्ध

महासमुंद जिले में 14 हजार 788 श्रमिकों को 4 करोड़ 68 लाख से अधिक की राशि वितरित श्रमिकों के कल्याण हेतु शासन प्रतिबद्ध

महासमुंद/ छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारों के कल्याण हेतु चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिले के श्रमिकों तक निरंतर पहुँचाया जा रहा है। शासन की मंशानुरूप प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक परिवार को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा निरंतर शिविर, पंजीयन एवं जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्रों तक पहुँचाया जा रहा है। पंजीकृत मज़दूरों को शिक्षा, स्वास्थ्य, औजार सहायता, मातृत्व लाभ, मृत्यु सहायता एवं आवास जैसी अनेक योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाता है। इन योजनाओं ने हजारों निर्माण मज़दूरों के जीवन में नया उजाला फैलाया है।

कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में श्रम कल्याण मंडल महासमुंद द्वारा डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में सीधे सहायता राशि प्रदान की गई है। ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लाभ समय पर मिले। श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने बताया कि विगत 17 सितम्बर एवं 3 अक्टूबर 2025 को डीबीटी के माध्यम से 14 हजार 788 श्रमिकों के खाते में 4 करोड़ 68 लाख 690 रुपए की राशि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा अंतरित की गई।

विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री निर्माण मज़दूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना अंतर्गत 3 हजार 443 श्रमिकों को 51 लाख 64 हजार 500 रुपए की सहायता दी गई है। इसी तरह निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना अंतर्गत 3005 श्रमिकों को 40 लाख 72 हजार रुपए, मुख्यमंत्री सायककल सहायता योजना अंतर्गत 2 हजार 724 श्रमिको को एक करोड़ 89 हजार 6 रुपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना अंतर्गत 2 हजार 629 श्रमिकों को 91 लाख 41 हजार 584 रुपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 2 हजार 323 श्रमिकों को 44 लाख 10 हजार 500 रुपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना अंतर्गत 287 श्रमिकों को 57 लाख 40 हजार रुपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत 150 श्रमिकों को 30 लाख रुपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अंतर्गत 108 श्रमिकों को 5 लाख 82 हजार रुपए, मिनीमाता महतारी जतन योजना अंतर्गत 79 श्रमिकों को 15 लाख 80 हजार रुपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना अंतर्गत 27 श्रमिकों को 27 लाख रुपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना अंतर्गत 9 श्रमिकों 71 हजार 100 रुपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 3 श्रमिकों एक लाख 50 हजार रुपए, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत एक श्रमिक को एक लाख रुपए का की सहायता राशि प्रदान किया गया है।

पिथौरा: धरने पर बैठे ग्रामीण जनपद पंचायत पिथौरा के सामने जमकर की नारेबाजी गुमराह करने का आरोप

पिथौरा: धरने पर बैठे ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जनपद पंचायत पिथौरा के सामने जमकर की नारेबाजी गुमराह करने का आरोप

जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरीपाली के ग्रामीण आज जनपद पंचायत पिथौरा कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए, उनका आरोप है कि उन्हें जांच प्रतिवेदन सौंपने के नाम पर बार-बार घुमाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आज जांच प्रतिवेदन देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन अधिकारियों ने फिर टालमटोल का रवैया अपनाया, जिससे नाराज होकर वे धरने पर बैठ गए।

गौरतलब है कि दिनांक 26 सितंबर 2025 को जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने ग्राम पंचायत डोंगरीपाली का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान पंचायत में हुए कार्यों का जायजा लेते हुए उन्होंने भौतिक सत्यापन रिपोर्ट शिकायतकर्ता एम.डी. सागर को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
शिकायतकर्ता व ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद जनपद सीईओ और जांच अधिकारी अब तक जांच प्रतिवेदन नहीं सौंप रहे हैं।

शिकायतकर्ता सागर ने बताया कि जांच अधिकारी रामनारायण पटेल, गुलाब प्रसाद सामल, डी.एल. बरिहा और जसवंत सिंह पैकरा द्वारा किए गए सत्यापन में भारी अनियमितताएँ उजागर हुई थीं। जांच में यह भी पाया गया कि पंचायत सचिव द्वारा करीब 60 लाख रुपये के बिल प्रस्तुत किए गए, जबकि लगभग 2 करोड़ रुपये के बिलों का कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है।
साथ ही, साहू इंटरप्राइजेज को किए गए भुगतानों से संबंधित कोई बिल या वाउचर भी उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जांच अधिकारी पूर्व सरपंच और पंचायत सचिव को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, और शिकायतकर्ता को प्रतिवेदन नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच रिपोर्ट तत्काल नहीं सौंपी जाती है, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

सरायपाली पुलिस की कार्रवाई: ग्राम बालसी तालाब के पास युवक से अवैध शराब बरामद

सरायपाली पुलिस की कार्रवाई: ग्राम बालसी तालाब के पास युवक से अवैध शराब बरामद

सरायपाली (महासमुंद)। थाना सरायपाली पुलिस ने रविवार को गश्त के दौरान अवैध शराब की तस्करी पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से हाथ भट्ठी की महुआ शराब बरामद की गई है।

प्रधान आरक्षक के नेतृत्व में हमराह आरक्षक क्रमांक 197, 394 की टीम दिनांक 12 अक्टूबर 2025 को शासकीय वाहन से टाउन व देहात पेट्रोलिंग पर निकली थी। पेट्रोलिंग के दौरान जब टीम पतेरापाली क्षेत्र में पहुंची, तब मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बालसी तालाब के पास रोड किनारे एक व्यक्ति अवैध शराब लेकर ग्राहकों का इंतजार कर रहा है।सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गवाह ललित मटारी (32 वर्ष, निवासी बाजारपारा वार्ड नं.10, सरायपाली) एवं सालिक राम भारती (22 वर्ष, निवासी नुनपानी) को धारा 179 BNSS का नोटिस देकर साथ लिया और बताए गए स्थान पर दबिश दी।

मौके पर एक युवक सफेद रंग की 5 लीटर क्षमता वाली प्लास्टिक जरीकेन लिए खड़ा मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम बिरेन्द्र भारती पिता सेवक राम भारती (22 वर्ष), निवासी ग्राम नुनपानी थाना सरायपाली जिला महासमुंद बताया। तलाशी लेने पर जरीकेन में लगभग 3 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब पाई गई। आरोपी से शराब रखने के वैध दस्तावेज मांगे गए, परंतु वह प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने मौके पर ही शराब की कीमत लगभग ₹600 आँकी और उसे गवाहों के समक्ष जब्त किया। आरोपी बिरेन्द्र भारती के विरुद्ध धारा 34(1) आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। प्रकरण जमानतीय होने से आरोपी को जमानत मुचलका पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने विधिवत कार्रवाई के पश्चात जप्त शराब को थाना में जमा किया।

महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई : कच्ची महुआ शराब जब्त आरोपी गिरफ्तार, स्कूटी चोरी का मामला दर्ज

महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई : कच्ची महुआ शराब जब्त आरोपी गिरफ्तार, स्कूटी चोरी का मामला दर्ज

महासमुंद /थाना महासमुंद पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। महिला प्रधान आरक्षक के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 10 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की है।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 12 अक्टूबर 2025 को महिला प्रधान आरक्षक हमराह स्टाफ आरक्षक क्रमांक 713, 300 एवं महिला आरक्षक 434 के साथ शासकीय वाहन क्रमांक CG 03 A 0178 से अपराध विवेचना व जरायम पतासाजी पर निकली थीं। भ्रमण के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि भलेसर रोड आम बगीचा के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब रखे हुआ है। सूचना पर मुखबिर पंचनामा तैयार कर पुलिस दल मौके पर पहुंचा। मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार एक व्यक्ति सफेद रंग की 10 लीटर की प्लास्टिक जरीकेन के साथ खड़ा मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम गोपाल यादव पिता महेशु यादव (32 वर्ष), निवासी वार्ड नं. 02 बोरियाझर, थाना एवं जिला महासमुंद बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 10 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2,000 है। आरोपी से शराब रखने के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, परंतु उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। आरोपी का यह कृत्य धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत दंडनीय अपराध पाया गया। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर जप्त शराब को सीलबंद किया तथा देहाती नालसी 00/25 धारा 34(2) आबकारी एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया। गिरफ्तारी की सूचना आरोपी के परिजनों को दी गई।

दूसरी घटना : बाजार से पूजा का सामान खरीदने गए युवक की स्कूटी चोरी :इसी बीच थाना महासमुंद क्षेत्र में एक स्कूटी चोरी का मामला भी सामने आया है। वार्ड नं. 05 नयापारा, महासमुंद निवासी वैद्य पेशे से कार्यरत युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को वह अपनी हिरो प्लेजर स्कूटी क्रमांक CG 04 NV 7702 से पूजा का सामान खरीदने के लिए गांधी चौक महासमुंद गया था। शाम करीब 4:50 बजे उसने अपनी स्कूटी को अरिहंत ज्वेलर्स दुकान के सामने खड़ी कर दी और अंदर खरीदारी करने चला गया। थोड़ी देर बाद वापस लौटने पर स्कूटी गायब मिली। आसपास तलाश करने पर कोई सुराग नहीं मिला। अज्ञात व्यक्ति द्वारा वाहन चोरी किए जाने पर पीड़ित ने थाना महासमुंद में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण को धारा 303(2)-BNS के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

महासमुंद जिले में दो अलग-अलग घटनाएं दर्ज -महिला से मारपीट और ट्रांसपोर्ट वाहन की दुर्घटना 

महासमुंद जिले में दो अलग-अलग घटनाएं दर्ज -महिला से मारपीट और ट्रांसपोर्ट वाहन की दुर्घटना

महासमुंद। जिले में रविवार को दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। पहला मामला थाना पटेवा क्षेत्र के ग्राम लखनपुर का है, जहां एक महिला मजदूर के साथ गांव के ही युवक ने मारपीट की। वहीं, दूसरा मामला थाना तुमगांव क्षेत्र का है, जिसमें एक ट्रांसपोर्ट वाहन अज्ञात ट्रक से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

1.महिला से गाली-गलौज और मारपीट, जान से मारने की धमकी : ग्राम लखनपुर थाना पटेवा जिला महासमुंद निवासी एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह अशिक्षित है और रोजी-मजदूरी का कार्य करती है।रविवार 12 अक्टूबर 2025 की दोपहर लगभग 2:30 बजे वह गांव के तिलक धुरी के साथ मोटरसाइकिल से झलप जा रही थी। इस दौरान झलप–लखनपुर रोड पर आम पेड़ के पास ग्राम छिन्दौली निवासी रूपेश दास मानिकपुरी ने उसे रोककर ₹15,000 लौटाने की बात को लेकर गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।

घटना में महिला के दोनों गाल, गर्दन, बांया पैर, दाहिने हाथ, कंधा और पीठ में चोटें आई हैं। घटना को तिलक धुरी सहित अन्य लोगों ने देखा-सुना है।महिला ने अपने बयान में कहा है कि उसने आरोपी से किसी भी प्रकार का रुपया नहीं लिया है।पुलिस ने मामले में धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 351(2)-BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

2.अज्ञात ट्रक की टक्कर से ट्रांसपोर्ट वाहन पलटा, चालक घायल :दूसरी घटना थाना तुमगांव क्षेत्र की है। वार्ड क्रमांक 01 तुमगांव निवासी एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने रिपोर्ट में बताया कि उसकी मां के नाम से भद्रकाली डेली सर्विस संचालित होती है, जिसके अंतर्गत टाटा मेटाडोर वाहन क्रमांक CG 04 JB 4566 रायपुर से सांकरा तक सामान परिवहन का कार्य करता है।

वाहन का चालक टीकम जलक्षत्री दिनांक 4 अक्टूबर 2025 को रायपुर से सामान लोड कर सांकरा जा रहा था। सुबह लगभग 8 बजे, NH-53 छिलपावन चौक के पास सामने चल रहे अज्ञात ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे मेटाडोर अनियंत्रित होकर ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई और पलटकर बिजली के पोल से जा भिड़ी।

इस दुर्घटना में वाहन का सामने का भाग व डाला क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चालक टीकम जलक्षत्री को बाएं पैर में गंभीर चोटें आईं और उसे सोहम अस्पताल महासमुंद में भर्ती कराया गया है। घटना का प्रत्यक्षदर्शी बुधराम मोंगरे बताया गया है।दुर्घटना के बाद अज्ञात ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।पुलिस ने रिपोर्ट पर धारा 125(a)-BNS, 281-BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की है।

मोटरसाइकिल दुर्घटना में घायल महिला की रायपुर में इलाज के दौरान मौत, सांकरा पुलिस ने किया मामला दर्ज

मोटरसाइकिल दुर्घटना में घायल महिला की रायपुर में इलाज के दौरान मौत, सांकरा पुलिस ने किया मामला दर्ज

महासमुंद/थाना सांकरा पुलिस ने एक सड़क दुर्घटना में घायल महिला की उपचार के दौरान हुई मृत्यु पर मर्ग जांच पूरी कर मामला दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका उर्मिला बरिहा पति संजय बरिहा (उम्र 20 वर्ष) निवासी ग्राम मधुबन, थाना बसना, जिला महासमुंद की मौत सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद रायपुर के अस्पताल में उपचार के दौरान हुई थी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 07 जुलाई 2024 को उर्मिला बरिहा अपने पति संजय बरिहा के साथ मोटरसाइकिल क्रमांक CG 11 CA 6532 पर ग्राम मधुबन से ग्राम बरेकेल की ओर जा रही थी। झगरेनडीह से सांकरा जाने वाली सड़क पर भतकुंदा जंगल के पास मोटरसाइकिल चालक संजय बरिहा द्वारा तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने से वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में दोनों गिर पड़े और उर्मिला के सिर में गंभीर चोट आई।

घटना के बाद घायल को सीएचसी पिथौरा में प्राथमिक उपचार के बाद अग्रवाल हॉस्पिटल रायपुर रेफर किया गया था, जहां दिनांक 13 जुलाई 2024 को सुबह 12:16 बजे उपचार के दौरान उर्मिला की मृत्यु हो गई।अग्रवाल हॉस्पिटल से प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल मेमो के आधार पर घटना की जानकारी थाना सरस्वती नगर रायपुर में दी गई, जहां प्रारंभिक मर्ग क्रमांक 0/33/24 धारा 174 जाफौ के तहत दर्ज किया गया। बाद में यह मर्ग थाना सांकरा जिला महासमुंद को स्थानांतरित किया गया।

सांकरा पुलिस ने मामले की जांच पूरी करते हुए पाया कि यह तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई दुर्घटना है। इस पर अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 106(1) BNS के तहत मामला कायम कर आगे की विवेचना प्रारंभ की गई है।सूचना आरक्षक 619 हेमसिंह सोनी द्वारा प्रस्तुत की गई। घटना की जानकारी वेदप्रकाश यादव पिता लूरेश कुमार यादव (अग्रवाल हॉस्पिटल, रायपुर) ने दी थी।

बसना/शिक्षक के साथ साइबर ठगी: लोन क्लोज करने के नाम पर उड़ाए 70 हजार रुपये अपराध दर्ज 

बसना/शिक्षक के साथ साइबर ठगी: लोन क्लोज करने के नाम पर उड़ाए 70 हजार रुपये अपराध दर्ज

बसना (महासमुंद)। ग्राम सराईपतेरा निवासी एवं शासकीय हाईस्कूल बडेटेमरी में पदस्थ व्याख्याता कौशिक कुमार सामल के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। शिक्षक के मोबाइल पर लोन क्लोज करने का झांसा देकर अज्ञात ठगों ने 70,000 रुपये की साइबर धोखाधड़ी की।

घटना दिनांक 07 अक्टूबर 2025 की है। शिक्षक कौशिक सामल अपने विद्यालय में ड्यूटी पर थे, तभी उनके मोबाइल नंबर पर एक व्यक्ति ने कॉल कर स्वयं को बैंक से संबंधित बताते हुए कहा कि उनके एसबीआई लोन को क्लोज किया जा सकता है। इसके बाद ठग ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक लिंक भेजा और जानकारी मांगी। शिक्षक ने केवल अपना नाम और मोबाइल नंबर साझा किया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से दो ट्रांजेक्शन में क्रमशः ₹50,000 और ₹20,000 की राशि निकाल ली गई। इस प्रकार कुल ₹70,000 की साइबर ठगी की गई।

पीड़ित शिक्षक ने बताया कि उन्होंने किसी प्रकार का ओटीपी या बैंक से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं की थी, फिर भी ठगों ने तकनीकी तरीके से रकम उड़ा ली। घटना के तुरंत बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराई।शिकायत के Acknowledgement नंबर 3331******** और 2331************ हैं।इस संबंध में पीड़ित द्वारा थाना बसना में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी के मोबाइल नंबर से 361 रुपये का रिचार्ज ओटीपी ट्रांजेक्शन भी दर्ज हुआ है, जो जांच का एक महत्वपूर्ण सुराग हो सकता है।श्री कौशिक कुमार सामल ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर निकाली गई राशि वापस दिलाई जाए।प्रकरण की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, जिला महासमुंद को भी भेजी गई है।

राशिफल विशेष, जहां आप पाएंगे आज के दिन का राशिफल, कैसा होगा आपका दिन, किसे मिलेगा प्यार, किसका चलेगा व्यापार, करियर में किसे मिलेगी उड़ान, किसे मिलेगा धन अपार… हर वर्ग के लिए जानिए दैनिक राशिफल

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मेष(अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो) :लाभ के अवसर हाथ आएंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट में सोच-समझकर निवेश करें। कष्ट, भय, चिंता तथा तनाव का वातावरण बन सकता है। कुसगंति से हानि होगी। कम प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) :जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय बनी रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। आज के काम कल पर नहीं टालें। विवेक का प्रयोग करें। लाभ होगा। दुष्टजनों से सावधान रहें, हानि पहुंचा सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कहीं से बुरी खबर मिल सकती है।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह) :जल्दबाजी में कोई भी लेन-देन न करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। फालतू खर्च होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो ) :किसी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। समय नेष्ट है। नकारात्मकता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी के स्वास्‍थ्य पर खर्च होगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। चिंता तथा तनाव में वृद्धि होगी।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे ) :शत्रु शांत रहेंगे। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। नए कार्य प्रारंभ करने की योजना बनेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा।

कन्या(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) :संतान पक्ष से स्वास्थ्‍य तथा अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यशैली में परिवर्तन करना पड़ सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देंगे।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) :थकान व कमजोरी रह सकती है। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति हो सकती है। धन प्राप्ति सुगम होगी।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) :प्रेम-प्रसंग में हड़बड़ी न करें। विवाद हो सकता है। नकारात्मकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। युवक व युवती विशेष सावधानी बरतें। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। आय में निश्चितता रहेगी।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे) :कानूनी बाधा संभव है। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धनहानि किसी भी तरह हो सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ में वृद्धि होगी।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी) :सुख के साधनों पर व्यय होगा। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। प्रॉपर्टी के काम बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में सुख-शांति रहेंगे। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे अपमान हो। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे।

कुंभ(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) :मनोरंजक यात्रा की आयोजना हो सकती है। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। मित्र व संबंधियों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। कारोबार मनोनुकूल रहेगा। जोखिम न लें। आंखों को रोग व चोट से बचाएं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची): दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब होने से खिन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। भागदौड़ रहेगी। जोखिम न लें। कष्ट, भय, चिंता तथा तनाव का वातावरण बन सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।

महासमुंद की दो छात्राओं से पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री करेंगे संवाद राष्ट्रीय चयन, ‘विकसित भारत बिल्डथॉन 2025’  

महासमुंद की दो छात्राओं से पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री करेंगे संवाद राष्ट्रीय चयन, ‘विकसित भारत बिल्डथॉन 2025’

महासमुंद। नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित ‘विकसित भारत बिल्डथॉन 2025’ कार्यक्रम में जिले का नाम रोशन करते हुए शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बेलसोंडा की दो छात्राओं का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। इन छात्राओं का चयन छत्तीसगढ़ राज्य से हुआ है, जो जिले के लिए गर्व की बात है।

‘बिल्डथॉन’ एक राष्ट्रव्यापी इनोवेशन मैराथन है, जहाँ छात्र और नवप्रवर्तक मिलकर सामाजिक या तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए नए प्रोटोटाइप और मॉडल विकसित करते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों में नवाचार, तार्किक सोच और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना है।

इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत कल, दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को सुबह 10.00 से 12.00 बजे तक, देशभर से चयनित छात्र-छात्राएँ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान से वर्चुअल संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री विद्यार्थियों को नवाचार, आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल विकास से जुड़ी प्रेरणा देंगे।

बेलसोंडा विद्यालय की दोनों छात्राओं का यह चयन न केवल उनके परिश्रम और प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि पूरे महासमुंद जिले के लिए गौरव का क्षण है। विद्यालय परिवार, शिक्षकगण और जिलेवासियों ने दोनों छात्राओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती — कहा, “जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती — कहा, “जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस की 9 घंटे चली मैराथन बैठक राज्य एवं केन्द्र शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे बस्तर संभाग के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए प्रभारी सचिवों और संभागीय आयुक्तों को योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया।  बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं।मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग  हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में  सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए।

उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों  के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें।

मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन शिक्षकों का प्रदर्शन उत्कृष्ट है, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली की सख्त मॉनिटरिंग की जाए और गड़बड़ी मिलने पर तुरंत कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि शाला विकास समितियों को फिर से सक्रिय किया जाए और शहरी क्षेत्रों में अनुपस्थित छात्रों के परिजनों से संपर्क कर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा अभियान राज्य के आदिवासी अंचलों के सर्वांगीण विकास का प्रतीक है। सभी 17 विभागों को आपसी समन्वय से योजनाओं के 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल, छात्रावास, पेयजल, आजीविका, पशुपालन, डेयरी, मछलीपालन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में एकीकृत दृष्टिकोण से काम किया जाए ताकि आदिवासी गाँव आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने  बधाई दी कि आदि कर्मयोगी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर रहा। बैठक में बताया गया  कि 128 विकासखंडों के 6650 गांवों में 1.33 लाख वालेंटियरों के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि यह अभियान जनजातीय समुदायों में उत्तरदायी शासन और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त कर रहा है। पीएम जनमन योजना — मार्च 2026 तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि सभी कलेक्टर्स पाँच विशेष पिछड़ी जनजातियों के ग्राम विकास कार्यों में तेजी लाएं। 11 विभागों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना स्वीकृत कार्य शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए गए।राज्य की 2300 से अधिक बस्तियों में दो लाख से अधिक जनसंख्या को इस योजना से लाभ मिला है। मनेंद्रगढ़ और धमतरी के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने अन्य जिलों को उनके अनुकरण की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी नगरीय निकायों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के सभी शेष मकानों का निर्माण 31 दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाए। जो मकान तैयार हैं, उनका अधिपत्य अगले दो माह में हितग्राहियों को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसियों को सक्रिय करें और भुगतान व मॉनिटरिंग में सुधार लाएं। औसत प्रतिदिन पूर्णता में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। बैठक में बताया गया कि “मोर गांव मोर पानी अभियान” के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए गए कार्यों के भुगतान में विलंब पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि भुगतान समय-सीमा में नहीं हो रहा, जिससे अभियान की गति प्रभावित हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि आगे से सभी भुगतान तय समय में किए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे सुबह 7 बजे से पहले नगरीय वार्डों में जाकर निरीक्षण करें और नगर निगम, नगर पालिका के कार्यों की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार प्राथमिकता से हो। उन्होंने चेताया कि केवल कागज़ी रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी — फील्ड विज़िट अनिवार्य हैं।

तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास — युवाओं के लिए नए अवसर, समयबद्ध प्रशिक्षण और रोजगार पर फोकस मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए युवाओं के लिए राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार प्रशिक्षण बैचों का संचालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे कौशल विकास से संबंधित गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा समय-समय पर करें और लाइवलीहुड कॉलेजों के निर्माण के लिए भूमि का शीघ्र चिन्हांकन कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर स्किल गैप एनालिसिस कर वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए हर तिमाही लोन मेले आयोजित करने तथा रोजगार कार्यालयों के माध्यम से काउंसलिंग कर औद्योगिक जिलों से रिक्तियां प्राप्त कर विभाग को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रोजगार और आत्मनिर्भरता में परिणत हो — यही कौशल विकास का वास्तविक उद्देश्य है।

ई-सेवाएं एवं लोक सेवा गारंटी — नागरिकों को समय पर सुविधाएं, डिजिटल सेवा विस्तार पर जोर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ई-सेवाएं एवं लोक सेवा गारंटी से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ही आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त हों, इसके लिए त्वरित व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत आने वाली सभी आवश्यक सेवाओं का समय-सीमा में निस्तारण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत 86 सेवाएं ऑनलाइन संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करें और संबंधित विभागों से समन्वय कर अधिकाधिक सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए, ताकि जनता को पारदर्शी, तेज़ और सुविधा-जनक सेवा वितरण सुनिश्चित हो सके।मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान स्पष्ट चेतावनी दी कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, रेत के अवैध उत्खनन या प्रशासनिक अनियमितता पर शासन की सख्त नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर पूरी दृढ़ता से अमल कर रही है, और इस नीति के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य एजेंसियों को भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए, ताकि विकास कार्यों की गति में किसी प्रकार की बाधा न आए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही तभी सुनिश्चित होगी जब अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर कार्यों की स्थिति का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण करने और लापरवाही पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुशासन और कार्यालय में उपस्थिति पर नियंत्रण के लिए राज्य स्तर के साथ-साथ सभी जिला कार्यालयों में भी बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली शीघ्र प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रत्येक कलेक्टर अपने जिले की रैंकिंग सुधारने का संकल्प लें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि रैंकिंग केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि जनता तक पहुँचने वाले वास्तविक परिणामों का प्रतिबिंब होनी चाहिए।बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें, उनकी बातों को गंभीरता से सुनें और उनके सुझावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल योजनाओं के क्रियान्वयन या कार्य निष्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता, संवाद और जवाबदेही का भी विषय है। एक संवेदनशील प्रशासन ही जनता का विश्वास अर्जित कर सकता है, और वही सुशासन की वास्तविक पहचान है।