महासमुंद/ नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उप निर्वाचन मई 2026 हेतु कार्यक्रम जारी

महासमुंद/ नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उप निर्वाचन मई 2026 हेतु कार्यक्रम जारी

महासमुंद 11 मई 2026/ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उप निर्वाचन मई 2026 हेतु समय-अनुसूची (कार्यक्रम) जारी किया गया है। जिसके तहत जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत हेतु 11 मई 2026 पूर्वान्ह 10.30 बजे निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन एवं स्थानों (सीटों) के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन किया गया। साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन एवं नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किया गया। नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 18 मई 2026 को अपरान्ह 3 बजे तक है। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 19 मई 2026 को पूर्वान्ह 10.30 बजे से की जाएगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 21 जून 2026 अपरान्ह 3 बजे तक है तथा अभ्यर्थिता वापसी के बाद रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निर्वाचन लडऩे वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना, प्रकाशन करना और निर्वाचन प्रतीकों का आबंटन किया जाएगा।

नगरीय निकाय हेतु 1 जून 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक आवश्यकता होने पर मतदान किया जाएगा। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा 4 जून 2026 को सुबह 9 बजे से मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा किया जाएगा।

त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन अंतर्गत 1 जून 2026 को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक आवश्यकता होने पर मतदान किया जाएगा तथा मतदान के पश्चात मतदान केन्द्र पर की जाने वाली मतगणना की जाएगी। आवश्यकता होने पर खण्ड मुख्यालय पर की जाने वाली मतगणना 2 जून 2026 को सुबह 9 बजे से की जाएगी। पंच, सरपंच, जनपद पंचायत के मामले में खण्ड स्तर पर सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा 4 जून 2026 को सुबह 9 बजे से की जाएगी।

पिथौरा/ बिना लाइसेंस संचालित ढाबे पर कार्रवाई, ग्रेवी का नमूना जांच हेतु भेजा गया

पिथौरा/ बिना लाइसेंस संचालित ढाबे पर कार्रवाई, ग्रेवी का नमूना जांच हेतु भेजा गया

महासमुंद/ अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन महासमुंद श्री उमेश कुमार तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिथौरा के निर्देश पर प्राप्त शिकायत के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शंखनाद भोई एवं खाद्य निरीक्षक पिथौरा श्री दिव्यांशु देवांगन द्वारा आज फर्म मेसर्स अवतार ढाबा, एन.एच.-53, टप्पा सेवईया, पिथौरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फर्म में कार्यरत कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र एवं जल परीक्षण रिपोर्ट का संधारण नहीं पाया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि फर्म द्वारा बिना खाद्य अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन के खाद्य कारोबार संचालित किया जा रहा था। इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर फर्म संचालक को बिना खाद्य अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन के खाद्य कारोबार नहीं करने हेतु नोटिस जारी किया गया है।

साथ ही प्राप्त शिकायत के आधार पर ढाबे से खाद्य पदार्थ ग्रेवी (खुला) का विधिक नमूना संकलित कर गुणवत्ता परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजा जा रहा है। नमूने की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद: सरायपाली बसना सहित जिले भर में निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील, रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित कैसे करे प्रचार क्या है नियम पढ़े पूरी खबर!

नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उप निर्वाचन मई 2026 हेतु कार्यक्रम जारी

महासमुंद 11 मई 2026/ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उप निर्वाचन मई 2026 हेतु समय-अनुसूची (कार्यक्रम) जारी किया गया है। जिसके तहत जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत हेतु 11 मई 2026 पूर्वान्ह 10.30 बजे निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन एवं स्थानों (सीटों) के आरक्षण के संबंध में सूचना का प्रकाशन किया गया। साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा मतदान केन्द्रों की सूची का प्रकाशन एवं नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किया गया। नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 18 मई 2026 को अपरान्ह 3 बजे तक है। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 19 मई 2026 को पूर्वान्ह 10.30 बजे से की जाएगी। अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 21 जून 2026 अपरान्ह 3 बजे तक है तथा अभ्यर्थिता वापसी के बाद रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निर्वाचन लडऩे वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना, प्रकाशन करना और निर्वाचन प्रतीकों का आबंटन किया जाएगा।
नगरीय निकाय हेतु 1 जून 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक आवश्यकता होने पर मतदान किया जाएगा। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा 4 जून 2026 को सुबह 9 बजे से मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा किया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन अंतर्गत 1 जून 2026 को सुबह 7 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक आवश्यकता होने पर मतदान किया जाएगा तथा मतदान के पश्चात मतदान केन्द्र पर की जाने वाली मतगणना की जाएगी। आवश्यकता होने पर खण्ड मुख्यालय पर की जाने वाली मतगणना 2 जून 2026 को सुबह 9 बजे से की जाएगी। पंच, सरपंच, जनपद पंचायत के मामले में खण्ड स्तर पर सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा 4 जून 2026 को सुबह 9 बजे से की जाएगी

 

महासमुंद: सरायपाली बसना सहित जिले भर में निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील, रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित कैसे करे प्रचार क्या है नियम पढ़े पूरी खबर!

महासमुंद, 11 मई 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह ने त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन मई-जून 2026 के सुचारू एवं शांतिपूर्ण संचालन हेतु समय अनुसूची जारी कर दी है। इसके साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है।
यह आदेश जनपद पंचायत महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली अंतर्गत उन ग्राम पंचायतों एवं वार्डों में प्रभावशील रहेगा, जहां त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन संपन्न कराया जाना है। इनमें ग्राम ंपंचायत वार्ड पंच पद हेतु जनपद पंचायत महासमुंद अंतर्गत सोरम (वार्ड क्र. 12), लोहारडीह (वार्ड क्र. 3), कुर्रुभाठा (वार्ड क्र. 2 एवं 4), रायतुम (वार्ड क्र. 15), जोगीडीपा (वार्ड क्र. 4), बागबाहरा अंतर्गत कन्हारपुरी (वार्ड क्र. 8 से 13), बिहाझर (वार्ड क्र. 11), चिंगरिया (वार्ड क्र. 8), भालूचुंवा (वार्ड क्र. 1 एवं 13), टोंगोपानीकला (वार्ड क्र. 9), पिथौरा अंतर्गत खैरखुंटा (वार्ड क्र. 4 एवं 6), रेमड़ा (वार्ड क्र. 1), बगारदरहा (वार्ड क्र. 1), झगरेनडीह (वार्ड क्र. 5 एवं 9), बरेकेलखुर्द (वार्ड क्र. 6), खेड़ीगांव (वार्ड क्र. 5), बोईरलामी (वार्ड क्र. 6), परसदा (वार्ड क्र. 4), बरेकेल (वार्ड क्र. 9) एवं सोनासिल्ली (वार्ड क्र 12) शामिल है। इसी तरह

बसना अंतर्गत सरपंच पद हेतु पलसा पाली एवं पंच हेतु सलखण्ड (वार्ड क्र. 9), गुढ़ियारी (वार्ड क्र. 4), गिधली (वार्ड क्र. 6), कायतपाली (वार्ड क्र. 4) तथा सरायपाली अंतर्गत सरपंच पद हेतु जोगनीपाली, पंच हेतु अंतरझोला (वार्ड क्र. 3), रूढा (वार्ड क्र. 6) एवं छिबर्रा पु. (वार्ड क्र. 2) शामिल है।

निर्वाचन अवधि के दौरान अभ्यर्थियों एवं उनके समर्थकों द्वारा चुनाव प्रचार-प्रसार हेतु ध्वनि विस्तारक यंत्रों का व्यापक उपयोग किया जाता है। यह प्रचार स्थायी मंचों के अलावा वाहनों जैसे जीप, कार, ट्रक, टेम्पो, तिपहिया वाहन, स्कूटर, साइकिल एवं रिक्शा आदि के माध्यम से भी किया जाता है। अत्यधिक ध्वनि में लाउडस्पीकरों के उपयोग से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है तथा वृद्ध, बीमार एवं दुर्बल व्यक्तियों को भी गंभीर असुविधा होती है। आदेश में कहा गया है कि चुनाव प्रचार में ध्वनि विस्तारक यंत्र एक माध्यम है, इसलिए इसके उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना संभव नहीं है, किन्तु लोक शांति एवं जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसके अनियंत्रित एवं अत्यधिक ध्वनि वाले उपयोग को नियंत्रित किया जाना आवश्यक है।

इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 4 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में रात्रि 10ः00 बजे से प्रातः 6ः00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।
चुनाव प्रचार एवं चुनावी सभाओं में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल प्रातः 6ः00 बजे से रात्रि 10ः00 बजे तक ही किया जा सकेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के होंगे तथा उनका उपयोग मध्यम ध्वनि स्तर पर ही किया जाएगा। लंबे चोंगे वाले लाउडस्पीकरों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके अतिरिक्त वाहनों एवं चुनावी सभाओं में एक से अधिक लाउडस्पीकर समूह में लगाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

चुनावी सभाओं एवं प्रचार वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने हेतु तहसील मुख्यालय स्तर पर तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा उप तहसील स्तर पर अतिरिक्त तहसीलदार/नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रातः 6ः00 बजे से रात्रि 10ः00 बजे तक सक्षम अधिकारी की अनुमति से ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा, किन्तु शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालयों, छात्रावासों, नगरपालिका परिषद, जनपद पंचायत एवं अन्य स्थानीय निकाय कार्यालयों, बैंक, डाकघर तथा दूरभाष केन्द्रों से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

 

महासमुंद 11 मई 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 3 मृतकों के निकटतम वारिसान के लिए चार-चार लाख रुपए के मान से कुल 12 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सोनापुटी के मृतक श्री नीलू सिंग दीवान की पत्नी श्रीमती देवन्तीन बाई दीवान के लिए, बिजली गिरने से मृत्यु होने पर सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम रिमजी के मृतक श्री नरोत्तम पटेल की पत्नी श्रीमती संजू पटेल एवं सांप के काटने से मृत्यु होने पर बसना विकासखण्ड के मृतक श्री ईश्वर साहू की पत्नी श्रीमती रामबाई के लिए चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

 

बिना लाइसेंस संचालित ढाबे पर कार्रवाई, ग्रेवी का नमूना जांच हेतु भेजा गया
 

महासमुंद, 11 मई 2026/ अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन महासमुंद श्री उमेश कुमार तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पिथौरा के निर्देश पर प्राप्त शिकायत के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शंखनाद भोई एवं खाद्य निरीक्षक पिथौरा श्री दिव्यांशु देवांगन द्वारा आज फर्म मेसर्स अवतार ढाबा, एन.एच.-53, टप्पा सेवईया, पिथौरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फर्म में कार्यरत कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र एवं जल परीक्षण रिपोर्ट का संधारण नहीं पाया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि फर्म द्वारा बिना खाद्य अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन के खाद्य कारोबार संचालित किया जा रहा था। इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर फर्म संचालक को बिना खाद्य अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन के खाद्य कारोबार नहीं करने हेतु नोटिस जारी किया गया है।
साथ ही प्राप्त शिकायत के आधार पर ढाबे से खाद्य पदार्थ ग्रेवी (खुला) का विधिक नमूना संकलित कर गुणवत्ता परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजा जा रहा है। नमूने की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी

 

बसना:12 आरोपी कपड़ा फेरी की आड़ में ओडिशा से 1 करोड़ 89 लाख का गांजा तस्करी कर रहे थे बसना रायपुर/महासमुंद/धमतरी ने पुलिस ने किया भंडाफोड़

बसना:12 आरोपी कपड़ा फेरी की आड़ में ओडिशा से 1 करोड़ 89 लाख का गांजा तस्करी कर रहे थे बसना रायपुर/महासमुंद/धमतरी  पुलिस ने किया भंडाफोड़

12 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
रायपुर/महासमुंद/धमतरी रायपुर रेंज पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कपड़ा फेरीवालों के भेष में ओडिशा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश में खपाने की तैयारी कर रहा था। “ऑपरेशन निश्चय” के तहत महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों में की गई संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 378.060 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 89 लाख 03 हजार रुपये बताई गई है। वीडियो देखे

कार्रवाई के दौरान 11 वाहन, मोबाइल और गांजा तस्करी में उपयोग किए जा रहे विशेष लोहे के जालीदार कम्पार्टमेंट भी जब्त किए गए। कुल जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 98 लाख 05 हजार रुपये आंकी गई है। मामले में 12 अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार तस्करों ने इस बार बेहद शातिर तरीका अपनाया था। आरोपी मोटरसाइकिलों में कपड़ों का ढेर लगाकर खुद को सड़क किनारे कपड़ा बेचने वाला फेरीवाला बताते थे। बाइक की पिछली सीट के पीछे विशेष रूप से लोहे का जालीदार कम्पार्टमेंट तैयार कराया गया था, जिसमें गांजा छिपाकर रखा जाता था। बाहर से देखने पर वाहन सामान्य कपड़ा फेरी वाले नजर आते थे, जिससे पुलिस और आम लोगों को भ्रमित किया जा सके। वीडियो देखे

 

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा और तितरी रायगढ़ा क्षेत्र से लाकर मध्यप्रदेश में सप्लाई किया जाना था। रायपुर रेंज पुलिस के मुताबिक इससे पहले भी तस्कर एम्बुलेंस, केला परिवहन, मुवर्स एंड पैकर्स, ऑटो, बस ट्रेवल्स और ट्रेन की आड़ लेकर गांजा तस्करी की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन लगातार कार्रवाई के चलते उनके नए-नए तरीके नाकाम हो रहे हैं।
महासमुंद जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई

महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र में पुलिस ने 5 मोटरसाइकिलों को रोककर जांच की। सभी आरोपी खुद को कपड़ा फेरीवाला बताकर घूम रहे थे, लेकिन तलाशी में बाइक में बनाए गए विशेष कम्पार्टमेंट से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने यहां 215 किलो गांजा जब्त कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा क्षेत्र से लाया जा रहा था।
इसी तरह एक अन्य मामले में 23 किलो गांजा के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
वहीं थाना कोमाखान पुलिस ने टेमरी जांच नाका में उड़ीसा से महासमुंद की ओर आ रही होंडा साइन मोटरसाइकिल क्रमांक MP 65 TC 0292 को रोककर जांच की। बाइक में सवार दो व्यक्तियों से करीब 9 किलो 60 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया।
महासमुंद में गिरफ्तार आरोपी
मेताप टाटिया (20 वर्ष), जिला खंडवा म.प्र.
रमेश चौहान (30 वर्ष), जिला बैतूल म.प्र.
राजू कुमावत टाकिया (25 वर्ष), जिला बैतूल म.प्र.
दीपक राजपूत (27 वर्ष), जिला ललितपुर यूपी/एमपी बॉर्डर
प्रकाश बंजारा (23 वर्ष), जिला रायसेन म.प्र.
मोहम्मद रिहान (37 वर्ष), शहडोल/अनूपपुर म.प्र.
मनोज सिंह (36 वर्ष), अनूपपुर म.प्र.
चंद्रशेखर (22 वर्ष), नागपुर महाराष्ट्र
जितेन्द्र (24 वर्ष), नागपुर महाराष्ट्र
विकास (19 वर्ष), नागपुर महाराष्ट्र
महासमुंद में जब्त संपत्ति
247 किलोग्राम गांजा
अनुमानित कीमत 1 करोड़ 23 लाख 50 हजार रुपये
7 मोटरसाइकिलें
6 मोबाइल फोन
गांजा छिपाने के लिए लगाए गए 5 लोहे के जाले

महासमुंद जिले में कुल जब्त संपत्ति की कीमत 1 करोड़ 28 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है।
धमतरी में भी पकड़ा गया नेटवर्क
धमतरी जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने 131.005 किलो गांजा जब्त किया। यहां भी आरोपी कपड़ा फेरीवालों का भेष बनाकर मोटरसाइकिलों में गांजा छिपाकर ले जा रहे थे। पुलिस ने 2 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई।
धमतरी पुलिस ने 131 किलो गांजा, 3 मोटरसाइकिलें, 3 मोबाइल और नगदी जब्त की। यहां कुल जब्त संपत्ति की कीमत 69 लाख 61 हजार रुपये बताई गई है।
धमतरी में गिरफ्तार आरोपी
राजेश ओबनी (20 वर्ष), बैतूल मध्यप्रदेश
दौलत सिंह (19 वर्ष), रायसेन मध्यप्रदेश
एक विधि से संघर्षरत बालक
रायपुर रेंज पुलिस का कहना है कि ओडिशा से जुड़े अंतरराज्यीय गांजा नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। तकनीकी सूचना, नाकेबंदी और सटीक कार्रवाई के कारण तस्करों के नए-नए तरीके लगातार फेल हो रहे हैं।

नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: शादी का झांसा देकर शोषण करने वाला संदीप बंजारे चढ़ा पुलिस के हत्थे।

रायगढ़। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर पूंजीपथरा पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक संदीप बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर पेश कर जेल भेजा है। घटना के संबंध में बालिका ने 09.05.2026 को अपने परिजनों के साथ थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि माह दिसंबर 2025 में स्कूल की छुट्टी होने पर वह अपने माता-पिता के पास पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के एक प्लांट की लेबर कॉलोनी में आई थी। उसी दौरान मकान के बगल में रहने वाले संदीप बंजारे से उसका परिचय हुआ। आरोपी ने प्रेम और शादी का झांसा देकर 26.02.2026 को दोपहर अपने कमरे में बुलाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद आरोपी कई बार बालिका को डरा-धमकाकर और किसी को नहीं बताने की बात कहकर उसका शोषण करता रहा। बालिका ने बताया कि माता-पिता के नहीं रहने पर आरोपी उसे अपने कमरे में ले जाकर, उसके नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद, जबरन शारीरिक संबंध बनाता रहा। 08.05.2026 को आरोपी ने कंपनी के नए लेबर क्वार्टर में मिलने के लिए बुलाया था और शादी करने के बहाने बाहर चलने की बात कर रहा था। इसी दौरान परिजन खोजते हुए वहां पहुंचे और दोनों को देख लिया। बालिका की लिखित शिकायत पर अपराध क्रमांक 103/2026 धारा 64(1) बी.एन.एस. एवं 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा एवं स्टाफ द्वारा तत्काल आरोपी की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया गया। आरोपी संदीप बंजारे, पिता जगदीश बंजारे, उम्र 22 वर्ष, निवासी सकरेली भाठा, थाना बाराद्वार, जिला सक्ती, वर्तमान पता तराईमाल थाना पूंजीपथरा, जिला रायगढ़* ने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

नक्सलवाद पर दोहरा प्रहार: गंगालूर में बंकर से विस्फोटक का जखीरा बरामद, उधर 5 लाख की इनामी महिला नक्सली ने किया सरेंडर।

बीजापुर। नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में गंगालूर थाने की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने भारी मात्रा में नक्सली डंप बरामद किया है, जिसमें बैटरी और विस्फोटक सामग्री शामिल है। यह पूरा मामला गंगालूर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डोडीतुमनार के पहाड़ी में बंकर बनाया गया है, जिसमें कई घातक हथियार है। सूचना के बाद एक्शन में आई टीम ने मौके पर दबिश देते हुए नक्सली डंप को बरामद किया। वहीं पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है। बता दें कि छत्तीसगढ़ सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सिताराम राजू जिले में आज एक ईनामी महिला माओवादी ने सरेंडर किया है. सरेंडर करने वाली महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है. लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसुर थाना क्षेत्र की निवासी है और लंबे वक्त से नक्सल संगठन के साथ जुड़ी हुई थी.

गरियाबंद के दुर्गम वनांचलों में पहुंची ‘प्यास की राहत’; सोलर पंप बने ग्रामीणों की जीवनधारा।

रायपुर। मुख्यमंत्री के ‘जल जीवन मिशन’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) गरियाबंद द्वारा जिले के वनांचल क्षेत्रों में पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मैनपुर विकासखंड के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, विभाग द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा (सोलर पंप) और हैंडपंप ग्रामीणों के लिए जीवनधारा साबित हो रहे हैं।​बसाहटों में जल अधोसंरचना का विस्तारक्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में पेयजल हेतु पुख्ता इंतजाम गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के ​ग्राम तारझर के तीन बसाहटों में से नया तारझर में 01 हैंडपंप एवं 01 सोलर पंप पूरी क्षमता के साथ संचालित हैं, जिससे ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण शुद्ध जल प्राप्त हो रहा है। वहीं कुर्वापानी बसाहट में भी स्थापित 01 हैंडपंप के माध्यम से सुचारु जल प्रदाय जारी है। इसी तरह ​ग्राम मठाल (राजाडेरा) जैसे मैदानी क्षेत्र में 01हैंडपंप की व्यवस्था की गई है, जिससे भीषण गर्मी में भी जल स्तर की समस्या नहीं आती और निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध रहता है। ​ग्राम भालूडिग्गी के निचले क्षेत्र में हैंडपंप के माध्यम से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।​ क्षेत्र के कई हिस्सों में सोलर पंपों की स्थापना एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई है। इससे बिजली की उपलब्धता या तकनीकी खराबी जैसी समस्याओं का समाधान हो गया है। सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण इन पंपों से दिनभर पानी की टंकी भरती रहती है, जिससे ग्रामीणों को किसी भी प्रकार के जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।​दुर्गम क्षेत्रों के लिए विशेष प्रयास और पुनर्वास​ ज्ञात हो कि मैनपुर के कुछ क्षेत्र जैसे ऊपरी तारझर, मठाल और भालूडिग्गी का शिखर भाग अत्यंत दुर्गम और सीधी पहाड़ी पर स्थित है। यह क्षेत्र टाईगर रिजर्व के अंतर्गत आता है। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इन ऊंचाइयों पर रहने वाले परिवारों के बेहतर जीवन स्तर के लिए पहाड़ के नीचे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, ताकि उन्हें शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें। ​ गुणवत्ता और शुद्धता पर जोर देते हुए ​लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड, गरियाबंद द्वारा समय-समय पर जल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच की जाती है। विभाग का लक्ष्य केवल पानी पहुँचाना ही नहीं, बल्कि “हर घर शुद्ध जल” पहुँचाना है। वर्तमान में इन सभी बसाहटों में स्थापित स्रोत पूरी तरह क्रियाशील हैं और ग्रीष्म ऋतु की चुनौतियों के बीच ग्रामीणों की सेवा कर रहे हैं।

सरायपाली: समाचार प्रकाशित होते ही हरकत में आया विभाग, SDO बोले – “लापरवाह- ठेकेदार शिवम कंस्ट्रक्शन” मेसर्स भरत राठी का कल तक निरस्त होगा एग्रीमेंट” विभाग ने दिया था दोबारा मौका, 75% भुगतान के बाद अब कर रहा वसूली की बात; क्या दोबारा बनेगा टंकी और अधूरा कार्य

सरायपाली: समाचार प्रकाशित होते ही हरकत में आया विभाग, SDO बोले – “ठेकेदार पूरी तरह निष्क्रिय, कल तक निरस्त होगा एग्रीमेंट”
47 लाख की जल जीवन मिशन टंकी में पहली बार पानी भरते ही झरने की तरह बहने लगा पानी
महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जलगढ़ में जल जीवन मिशन योजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव में लगभग 47.65 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी में पहली बार पानी भरते ही कई स्थानों से भारी रिसाव शुरू हो गया। टंकी से चारों तरफ झरने की तरह पानी बहता देख ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। देखें वीडियो 

मामले को लेकर सरपंच संघ अध्यक्ष एवं ग्राम जलगढ़ के सरपंच लिंगराज साहू ने निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से गांव में पाइपलाइन, पानी टंकी और घर-घर नल कनेक्शन का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन आज तक कई घरों में नल कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है और ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है।

सरायपाली: पानी भरते ही टंकी से बहने लगा झरने की तरह पानी, सरपंच संघ अध्यक्ष बोले – “मोदी जी की योजना को ठेकेदारों ने किया बदनाम” 47 लाख लागत

ग्रामीणों के अनुसार गांव में पानी की समस्या को देखते हुए लगभग 500 मीटर दूर स्थित बोरवेल से पहली बार पानी लाकर टंकी में भरा गया, लेकिन पानी भरते ही टंकी के चारों तरफ से रिसाव शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा लग रहा था मानो टंकी नहीं बल्कि कोई झरना बह रहा हो।
कार्य स्थल पर लगे सूचना बोर्ड के अनुसार यह कार्य “जल जीवन मिशन” के अंतर्गत ग्राम जलगढ़ में जल प्रदाय योजना के रेट्रोफिटिंग कार्य के रूप में कराया गया। योजना की कुल लागत लगभग 47.65 लाख रुपये बताई गई है। बोर्ड में ठेकेदार एजेंसी के रूप में “शिवम कंस्ट्रक्शन” मेसर्स भरत राठी का नाम दर्ज है, जबकि एजेंसी जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन महासमुंद को बताया गया है।

समाचार प्रकाशित होने के बाद सामने आया SDO का बयान
समाचार प्रकाशित होने के बाद पीएचई विभाग के एसडीओ खिलेश साहू का बयान सामने आया है। बातचीत के दौरान विभागीय कार्यप्रणाली, ठेकेदार की निष्क्रियता और भुगतान को लेकर कई बड़े सवाल उठे।

सवाल: संबंधित ठेकेदार पर विभाग क्या कार्रवाई कर रहा है?
इस पर पीएचई एसडीओ खिलेश साहू ने कहा कि निर्माण एजेंसी “शिवम कंस्ट्रक्शन” लंबे समय से पूरी तरह निष्क्रिय और लापरवाह है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार की कार्यप्रणाली को देखते हुए पहले ही एग्रीमेंट निरस्त करने का आदेश जारी किया गया था।
हालांकि बाद में ठेकेदार द्वारा आवेदन देकर गुहार लगाते हुए कार्य पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया, जिसके बाद विभाग ने उसे दोबारा मौका दिया था।
लेकिन अब हालात ऐसे हो चुके हैं कि संबंधित ठेकेदार का एग्रीमेंट कल तक निरस्त करा दिया जाएगा।
सवाल: 47 लाख की योजना में अब तक कितना भुगतान हुआ?
इस सवाल पर एसडीओ खिलेश साहू ने बताया कि योजना में लगभग 75 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि “जितना काम हुआ है, उतना ही भुगतान किया गया है।”
यहीं सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर विभाग ने एक ऐसे ठेकेदार को लगभग 75 प्रतिशत राशि का भुगतान कैसे कर दिया, जिस पर अब खुद विभाग लापरवाही और निष्क्रियता के आरोप लगा रहा है। जब निर्माण कार्य में पहली ही टेस्टिंग में भारी रिसाव सामने आ गया, सीढ़ियां टूटने लगीं और कई जगह पाइपलाइन अधूरी है, तो क्या विभागीय इंजीनियर और अधिकारी नियमित निरीक्षण के लिए मौके पर नहीं गए थे?

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि इंजीनियरिंग निगरानी होने के बावजूद यदि गुणवत्ता की कमी नहीं पकड़ी गई, तो आखिर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।
सवाल: यदि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता की कमी सामने आ रही है तो अधूरा कार्य कौन पूरा कराएगा?
इस पर एसडीओ ने कहा कि ठेकेदारी निरस्त होने के बाद नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया की जाएगी और आगे की कार्रवाई विभागीय स्तर पर तय होगी।

 

गौरतलब है कि ग्राम जलगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी, पाइपलाइन और घर-घर नल कनेक्शन का कार्य कराया गया था। लेकिन कई मोहल्लों में अब तक पाइपलाइन अधूरी है और कई घरों में नल-जल टोटी तक नहीं लग पाई है। वहीं पहली बार पानी भरते ही टंकी से चारों तरफ रिसाव शुरू हो गया।
अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जिस टंकी में पहली ही टेस्टिंग में भारी रिसाव सामने आ गया, क्या वह भविष्य में टिक पाएगी या फिर उसे दोबारा बनाना पड़ेगा? साथ ही जिन मोहल्लों में पाइपलाइन और नल कनेक्शन अधूरे हैं, वहां कार्य पूरा कराने में कितना अतिरिक्त खर्च आएगा, यह भी बड़ा सवाल बना हुआ है।

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि पूरा निर्माण कार्य विभागीय इंजीनियरों और उच्च अधिकारियों की निगरानी में हुआ। इसके बावजूद लाखों रुपये की योजना में गुणवत्ता विहीन निर्माण और लगभग 75 प्रतिशत भुगतान होने की बात सामने आने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। अब ग्रामीण पूरे मामले की तकनीकी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हुए शामिल; बोले— ‘सोमनाथ हमारी आस्था और सभ्यता का जीवंत प्रतीक’

रायपुर। CM विष्णुदेव साय सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। सोमनाथ की ऐतिहासिक जड़ें प्राचीन भारतीय परंपरा में अत्यंत गहरी हैं। प्रभास तीर्थ, जहाँ सोमनाथ स्थित है, भगवान शिव की चंद्रदेव द्वारा की गई आराधना से जुड़ा हुआ है। परंपरा के अनुसार, चंद्रदेव ने यहाँ भगवान शिव की आराधना की थी और उन्हें उनके श्राप से मुक्ति मिली थी, जो इस स्थान को अपार आध्यात्मिक महत्व प्रदान करता है। सदियों से, सोमनाथ मंदिर निर्माण के कई चरणों का साक्षी रहा, जिनमें से प्रत्येक उस समय की भक्ति, कलात्मकता और संसाधनों को दर्शाता है। प्राचीन वृत्तांत विभिन्न सामग्रियों का उपयोग करके बनाए गए क्रमिक मंदिरों का वर्णन करते हैं, जो नवीनीकरण और निरंतरता का प्रतीक हैं। सोमनाथ के इतिहास का सबसे उथल-पुथल भरा चरण ग्यारहवीं शताब्दी में शुरू हुआ। जनवरी 1026 में, सोमनाथ को आक्रमणकारियों द्वारा अपने पहले अभिलिखित हमले का सामना करना पड़ा। इसने एक लंबी अवधि की शुरुआत की, जिसके दौरान सदियों तक मंदिर को बार-बार नष्ट किया गया और फिर से बनाया गया। इसके बावजूद, सोमनाथ लोगों की सामूहिक चेतना से कभी ओझल नहीं हुआ। मंदिर के विनाश और पुनरुद्धार का यह चक्र विश्व इतिहास में अद्वितीय है। यह दर्शाता है कि सोमनाथ कभी भी केवल पत्थर की एक संरचना मात्र नहीं था, बल्कि आस्था, पहचान और सभ्यतागत गौरव का एक जीवंत प्रतीक था।

सावधान! चाट-गुपचुप का स्वाद पड़ा भारी: रेड़ा ग्राम में गुपचुप खाने से 25 लोग बीमार, जिला अस्पताल में मची अफरा-तफरी।

सारंगढ़-बिलाईगढ़. क्या आप भी चाट-गुपचुप के दीवाने हैं, तो अब आपको सावधान होने की जरूरत है. क्योंकि यही टेस्टी गुपचुप आपके लिए हानिकारिक साबित हो सकता है. छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रेड़ा ग्राम में ठेले पर गुपचुप खाना 25 लोगों के लिए मुसीबत बन गया. गुपचुप खाने के कुछ घंटे बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसमें उल्टी और दस्त की शिकायतें सामने आईं. जानकारी के मुताबिक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रेड़ा ग्राम में एक ठेले पर बुक रहे गुपचुप को खाने के बाद लगभग 25 लोग की हालत बिगड़ गई. इसमें अधिकतर संख्या में महिलाएं और 3 बच्चे भी शामिल हैं. हालत ज्यादा खराब होने पर परिजनों ने आनन-फानन में मरीजों को जिला अस्पातर में भर्ती कराया है. डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है. वहीं कुछ मीरज इलाज के लिए रायगढ़ के अस्पताल गए हैं. प्राथमिक जांच में पता चला कि सभी ने एक ही गुपचुप ठेले से खाया था. जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने मरीजों को लेकर जानकारी दी कि उनकी स्थिति पहले से बेहतर है. फूड पॉयजनिंग की शिकायत है. फूड पॉइजनिंग की खबर गांव में फैलते ही लोगों में हड़कंप मच गया है. जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैंपल जांच की बात कही जा रही है. हालांकि सवाल है कि खुलेआम लोगों की सेहत से खिलवाड़ के लिए कौन जिम्मेदार है