महासमुंद/संयुक्त टीम द्वारा औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण वामा डेयरी व जेनिथ एग्रीजोन को नोटिस, परिवहन विभाग ने वसूला 8,800 रुपये समन शुल्क

महासमुंद/संयुक्त टीम द्वारा औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण वामा डेयरी व जेनिथ एग्रीजोन को नोटिस, परिवहन विभाग ने वसूला 8,800 रुपये समन शुल्क

महासमुंद, 03 जुलाई 2026/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में गठित संयुक्त जांच दल ने तुमगांव स्थित वामा डेयरी तथा बिरकोनी स्थित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार श्रीमती दिशा शुक्ला, परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला, श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, पर्यावरण विभाग से श्री एस.के. चौधरी एवं सहायक संचालक उद्योग विभाग सुश्री वैभवी साहू एवं श्रम उप निरीक्षक श्री बेलारसन बघेल शामिल रहे।

संयुक्त टीम ने सबसे पहले वामा डेयरी, तुमगांव का निरीक्षण किया। जांच के दौरान औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी कई कमियां सामने आईं। श्रमिकों को समय पर वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा था तथा उन्हें आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध नहीं कराए गए थे। परिवहन विभाग की जांच में दो वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालित पाए गए, जिन पर कार्रवाई करते हुए 8,800 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। पर्यावरण एवं उद्योग विभाग की जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली।

श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम-1948, वेतन भुगतान अधिनियम-1936, समान पारिश्रमिक अधिनियम-1976 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण निधि अधिनियम-1982 के अंतर्गत निरीक्षण किया गया। इस दौरान सूचना बोर्ड एवं अधिनियमों का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया तथा आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए। इन कमियों के संबंध में प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है।

इसके बाद बिरकोनी स्थित शुभम ऑर्गेनिक का निरीक्षण किया गया, जहां वैध कारखाना लाइसेंस नहीं पाया गया। निरीक्षण के समय इकाई बंद मिली। संयुक्त दल ने जेनिथ एग्रीजोन, बिरकोनी का भी निरीक्षण किया। यहां श्रमिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने, पर्याप्त अग्निशमन यंत्र नहीं होने तथा कार्य अवधि संबंधी सूचना प्रदर्शित नहीं होने जैसी कमियां मिलीं। उद्योग विभाग की जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। परिवहन विभाग की जांच में एक वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिला तथा चार वाहनों में एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) नहीं लगी पाई गई। इस संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है।

श्रम विभाग की जांच में सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं होना, श्रमिकों से ओवरटाइम कराया जाना, आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करना तथा शासन द्वारा निर्धारित दर से कम वेतन भुगतान किए जाने जैसी अनियमितताएं पाई गईं। इन सभी मामलों में संबंधित प्रबंधन को नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

बसना/ 138 महिलाओं से झांसा करोड़ों की ठगी सरकारी योजना के नाम पर आधार, फिंगरप्रिंट और OTP से खेल दो मुख्य बैंक BC पुलिस के हत्थे चढ़े

बसना/ 138 महिलाओं से झांसा करोड़ों की ठगी सरकारी योजना के नाम पर आधार, फिंगरप्रिंट और OTP से खेल दो मुख्य बैंक BC पुलिस के हत्थे चढ़े

 

 

पिरदा की महिलाओं से सिस्टम एरर का बहाना बनाकर कई बार लिए गए फिंगरप्रिंट, बिना सहमति फर्जी लोन कराया पास; मुख्य आरोपी लक्ष्मीचंद देवांगन और मनोहर जटवार गिरफ्तार, बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में ,महासमुंद जिले की बसना पुलिस ने शासकीय योजना और मुफ्त कुकर का लालच देकर ग्राम पिरदा की 138 महिलाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी लोन निकालने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्ष्मीचंद देवांगन (40 वर्ष), निवासी ग्राम पिरदा, थाना बसना तथा मनोहर जटवार (33 वर्ष), निवासी ग्राम तरेकेला, थाना बसना के रूप में हुई है। दोनों इंडसलैंड बैंक के बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) के रूप में कार्यरत थे और उन पर अपनी बैंक बीसी आईडी का दुरुपयोग कर महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन स्वीकृत कर करोड़ों रुपये का गबन करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, इससे पहले इस गिरोह के मुख्य एजेंट सुदर्शन साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सुदर्शन साहू ही गांव की महिलाओं से संपर्क कर उन्हें सरकारी योजना का लाभ और मुफ्त कुकर दिलाने का झांसा देता था तथा आधार कार्ड और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट एकत्र करता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि महिलाओं को बायोमेट्रिक मशीन में “सिस्टम एरर” बताकर गुमराह किया जाता था। एक ही महिला के 3 से 4 बार फिंगरप्रिंट लिए जाते थे और मोबाइल पर आए ओटीपी का उपयोग कर उनकी जानकारी एवं सहमति के बिना 50,450 रुपये तथा 58,000 रुपये तक के लोन स्वीकृत करा दिए जाते थे। महिलाओं को इस धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगी।

मामले का खुलासा तब हुआ जब भारत फाइनेंस के कर्मचारी गांव पहुंचकर लोन की किश्त मांगने लगे। इसके बाद महिलाओं को पता चला कि उनके नाम पर पहले ही ऋण स्वीकृत कर राशि निकाल ली गई है। मामले में ग्राम पिरदा निवासी रजनी देवांगन ने 1 अप्रैल 2025 को बसना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

बसना थाना में अपराध क्रमांक 137/2025 के तहत धारा 318(4), 238, 61(2) एवं 317(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। बैंक दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच में यह तथ्य सामने आया कि इंडसलैंड बैंक के बीसी लक्ष्मीचंद देवांगन और मनोहर जटवार ने सुदर्शन साहू के साथ मिलकर सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचा। दोनों आरोपियों ने महिलाओं से सीधे संपर्क किए बिना पर्दे के पीछे रहकर अपनी बैंक बीसी आईडी का दुरुपयोग किया और फर्जी लोन स्वीकृत कराकर करोड़ों रुपये का गबन किया।

विवेचना में यह भी प्रमाणित हुआ कि केवल शिकायतकर्ता ही नहीं बल्कि ग्राम पिरदा की 138 अन्य महिलाओं के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी की गई। महिलाओं के आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट और ओटीपी का दुरुपयोग कर उनके नाम पर ऋण स्वीकृत किए गए।

बसना पुलिस लंबे समय से दोनों मुख्य आरोपियों की तलाश कर रही थी। आखिरकार 1 जुलाई 2026 को दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में बैंक कर्मचारियों और अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच जारी है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी में प्रयुक्त बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) मशीन और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

गिरफ्तार आरोपी

– लक्ष्मीचंद देवांगन, पिता माधव राम देवांगन, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम पिरदा, थाना बसना (मुख्य साजिशकर्ता एवं बैंक बीसी)
– मनोहर जटवार, पिता रेशम लाल जटवार, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम तरेकेला, थाना बसना (मुख्य साजिशकर्ता एवं बैंक बीसी)

पूर्व में गिरफ्तार आरोपी

– सुदर्शन साहू – महिलाओं से आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट और अन्य दस्तावेज जुटाने वाला मुख्य एजेंट।

महासमुंद पुलिस का कहना है कि आम जनता को आर्थिक अपराधों और साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस बहुचर्चित मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच जारी है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद जिले में स्कूली वाहनों एवं यात्री बसों की हुई सघन जांच नियमों के पालन के लिए वाहन चालकों को दी गई समझाइश

महासमुंद जिले में स्कूली वाहनों एवं यात्री बसों की हुई सघन जांच नियमों के पालन के लिए वाहन चालकों को दी गई समझाइश

महासमुंद, 01 जुलाई 2026/ जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला एवं यातायात पुलिस महासमुंद द्वारा आज संयुक्त रूप से केन्द्रीय विद्यालय महासमुंद में अध्ययनरत विद्यार्थियों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान कई विद्यार्थी निजी एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) वाहनों से स्कूल आते-जाते पाए गए। ऐसे वाहन स्वामियों एवं चालकों को नियमानुसार वाहन को टैक्सी श्रेणी में परिवर्तित कर संचालन करने तथा मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने हेतु समझाइश दी गई। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कोई भी विद्यार्थी दुपहिया वाहन से विद्यालय आते या जाते नहीं मिला।

इसके अलावा जिला परिवहन अधिकारी श्री शुक्ला द्वारा बागबाहरा रोड पर संचालित निजी यात्री बसों की भी जांच की गई। जांच के दौरान बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट, निर्धारित वर्दी तथा प्रदूषण प्रमाण-पत्र के संचालन करते पाए गए 05 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 14 हजार 900 रुपए का समन शुल्क वसूल किया गया।

जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला ने वाहन स्वामियों एवं चालकों से सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखने तथा यातायात एवं परिवहन संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में इस प्रकार की जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

महासमुंद बिना अनुमति बोर खनन कर रही बोर मशीन जप्त

महासमुंद बिना अनुमति बोर खनन कर रही बोर मशीन जप्त

महासमुंद, 01 जुलाई 2026/ महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम लभरा के समीप बिना वैधानिक अनुमति के बोर खनन किए जाने की सूचना पर तहसीलदार श्री जुगल किशोर एवं पटवारी श्री केशव शर्मा द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई।

जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित स्थल पर बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बोर खनन कार्य किया जा रहा था। नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज एवं अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए बोर खनन में संलग्न बोर मशीन को जप्त कर थाना महासमुंद की अभिरक्षा में रखा गया है।

जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है कि भूजल संरक्षण एवं शासन के निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि बोर खनन कार्य प्रारंभ करने से पूर्व आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें तथा नियमों का पालन करें।

सरायपाली/ मेडिकल संचालक को लूटने की योजना विफल,3 गिरफ्तार ,10 करोड़ के गांजा नष्ट, बलौदा में हंसिया लहराकर दहशत फैलाने वाला युवक जेल भेजा गया।

महासमुंद पुलिस ने जिले में अपराध और नशे के खिलाफ एक ही दिन में तीन बड़ी कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया है। एक ओर सिंघोड़ा पुलिस ने मेडिकल संचालक से लूट की साजिश को विफल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, वहीं जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में लगातार दूसरे दिन 5 करोड़ रुपये मूल्य के गांजे का नष्टीकरण किया गया। दूसरी ओर बलौदा पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार लहराकर दहशत फैलाने वाले युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

 

महासमुंद के सिंघोड़ा पुलिस ने मेडिकल संचालक से लूट की बड़ी वारदात को समय रहते नाकाम करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मेडिकल दुकान की बिक्री की नकदी लूटने की योजना बनाकर वारदात को अंजाम देने निकले थे।

मामला 28 जून का है। मौलीखार निवासी वेदप्रसाद प्रधान रात करीब 8 बजे छुईपाली स्थित अपने भाई की मेडिकल दुकान से बिक्री की रकम लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनका पीछा किया। बोईरमाल के पास आरोपियों ने ओवरटेक कर बाइक रोकने की कोशिश की। एक आरोपी ने लोहे का सरिया दिखाकर हमला करने का प्रयास भी किया, लेकिन वेदप्रसाद सूझबूझ से वहां से निकलने में सफल रहे और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान पुलिस ने ग्राम खरनियाबहाल निवासी करूणा प्रधान (25) तथा ग्राम मौलीखार निवासी रितुराज प्रधान (19) और खीरसागर भोई (22) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे करीब एक महीने से मेडिकल संचालक की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और बिक्री की रकम लूटने की योजना बनाई थी। घटना वाले दिन तीनों ने पहले शराब पी, फिर बाइक से पीछा कर वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, लोहे का सरिया और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इधर, नशे के खिलाफ अभियान के तहत जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की उपस्थिति में बेलसोंडा स्थित बालाजी प्लांट में 33 एनडीपीएस मामलों में जब्त 9 क्विंटल 95 किलो 30 ग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 34 लाख 73 हजार रुपये है, नष्ट किया गया। पुलिस के अनुसार 29 और 30 जून को लगातार दो दिनों में कुल 19 क्विंटल 93 किलो 10 ग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 10 करोड़ 46 लाख 78 हजार 500 रुपये है, नष्ट किया जा चुका है।
वहीं बलौदा थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गायत्री चिकित्सालय के पास सार्वजनिक स्थान पर हंसिया लहराकर लोगों में दहशत फैला रहे 21 वर्षीय विकास भोई को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


महासमुंद पुलिस ने कहा है कि जिले में अपराध, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

महासमुंद आर्थिक कमजोरी न्याय में बाधा नहीं बनेगी, सभी को मिलेगा समान न्याय: एडीजे संघपुष्पा भतपहरी

महासमुंद आर्थिक कमजोरी न्याय में बाधा नहीं बनेगी, सभी को मिलेगा समान न्याय: एडीजे संघपुष्पा भतपहरी

महासमुंद। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद द्वारा विधिक जागरूकता अभियान के तहत स्थानीय मौहारी भाठा स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी ने छात्राओं को बाल विवाह, बाल श्रम, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा तथा महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराधों के संबंध में सरल भाषा में कानूनी जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं के कानूनी सवालों के जवाब देते हुए कानून के सामान्य प्रावधानों और उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया।

इस अवसर पर एडीजे संघपुष्पा भतपहरी ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य सभी के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि आर्थिक या अन्य किसी अक्षमता के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के तहत गरीब एवं समाज के कमजोर वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का गठन किया गया, जो देशभर में कानूनी सहायता कार्यक्रमों के संचालन, मूल्यांकन और निगरानी का कार्य करता है। इसी व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा प्रत्येक जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील स्तर पर तालुका विधिक सेवा समितियों का गठन किया गया है, जो जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं सलाह उपलब्ध कराते हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देना रहा। अधिकार मित्र हरिचंद साहू ने बताया कि जिले में न्यायिक अधिकारियों एवं अधिकार मित्रों द्वारा समय-समय पर ऐसे विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

महासमुंद कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक खाद बीज वितरण, शिक्षा गुणवत्ता, एग्रीस्टेक पंजीयन की विस्तृत समीक्षा

महासमुंद कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक खाद बीज वितरण, शिक्षा गुणवत्ता, एग्रीस्टेक पंजीयन की विस्तृत समीक्षा

महासमुंद, 30 जून 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत शेष किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को विशेष ध्यान देते हुए शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने कहा। सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत जिले में अब तक 758 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी भी बैठक में दी गई। एल 1 स्तर पर 319 आवेदनों का निराकरण किया गया है। जिसमें नागरिकों का फीडबैक शेष है। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने तथा किसानों को खाद वितरण के लिए प्रोत्साहित करने कहा। उन्होंने यूरिया एवं डीएपी के संतुलित उपयोग के साथ नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सहकारी समितियों में उपलब्ध खाद के स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन करने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने जिले के बड़े किसानों को धान के रकबे में कमी कर वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के लगभग 8,500 किसानों के बीच ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं आरईएओ लगातार संपर्क कर फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करें, जिससे जल संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। बैठक में धान उपार्जन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शेष धान के उठाव तथा राइस मिलों द्वारा चावल जमा कराने की प्रगति पर भी चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

कलेक्टर श्री लंगह ने विद्युत विभाग को विद्युत अवरोध की स्थिति में आम नागरिकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली बंद होने की स्थिति में अवरोध के कारण एवं पुनः विद्युत आपूर्ति प्रारंभ होने का संभावित समय लोगों को अवश्य बताया जाए, ताकि आम जनता अनावश्यक परेशानी से बच सके। साथ ही अधिकारियों को फोन कॉल प्राप्त होने पर तत्काल रिस्पॉन्स देने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने राजस्व विभाग को सीमांकन, अविवादित खाता विभाजन एवं अन्य राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश देते हुए कहा कि लंबित प्रकरणों में विशेष अभियान चलाकर तेजी लाई जाए। समय सीमा का विशेष ध्यान रखें।

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को सेवा सेतु केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र निर्धारित समय-सीमा में जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू हो चुकी है तथा मैनुअल फाइल संचालन प्रतिबंधित रहेगा। सभी विभागों को ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया। बैठक में नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांकन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महासमुंद कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का गंभीरता से पालन करने के दिए निर्देश

महासमुंद कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का गंभीरता से पालन करने के दिए निर्देश

महासमुंद 30 जून 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक के पश्चात सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं आमजन में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं जिला अधिकारी मौजूद थे।

रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु कलेक्टर ने एनएचआई, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग तथा नगरीय निकायों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशु मालिकों की पहचान कर उन्हें समझाईश देने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा चिन्हित दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) एवं नवीन ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को निर्देशित किया गया। साथ ही ओवरलोड संचालित हो रहे वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देशित किया कि स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से पालकों से संपर्क स्थापित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। कलेक्टर ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग को निर्देशित किया गया कि हेलमेट न पहनने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान की प्रभावी कार्रवाई करें।

जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रतीक शुक्ला ने बताया कि आगामी सत्र 2026-27 में जिले में संचालित समस्त स्कूल बसों का जांच कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में 4 नवीन ब्लैक स्पॉट के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय किया जा रहा है। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

महासमुंद कृषक रूक्मण और गोकुल ने हरी खाद तकनीक अपनाकर भूमि की उर्वरता बढ़ाने की दिशा में सार्थक कदम उठाया

महासमुंद कृषक रूक्मण और गोकुल ने हरी खाद तकनीक अपनाकर भूमि की उर्वरता बढ़ाने की दिशा में सार्थक कदम उठाया

महासमुंद, 30 जून 2026/ जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम कौहाकुंडा के प्रगतिशील कृषक श्री रूक्मण नायक ने अपनी 7 एकड़ कृषि भूमि में तथा विकासखंड बसना के ग्राम भौंरादादर के कृषक श्री गोकुल पटेल ने अपने खेत में ढैंचा हरी खाद फसल की बुवाई कर भूमि की उर्वरता बढ़ाने की दिशा में सार्थक कदम उठाया है।

रासायनिक उर्वरकों पर बढ़ती निर्भरता तथा मिट्टी की घटती गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए दोनों किसानों ने कृषि विभाग के मार्गदर्शन में हरी खाद तकनीक को अपनाया। श्री रूक्मण नायक ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में ढैंचा की बुवाई की है, जिसे उपयुक्त अवस्था में खेत में पलटकर मिट्टी में मिलाया जाएगा। इस प्रक्रिया से मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है तथा प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की उपलब्धता में वृद्धि होती है।

गोकुल पटेल ने बताया कि हरी खाद के उपयोग से भूमि में सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है। इसके साथ ही रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होने की संभावना रहती है, जिससे खेती की लागत में भी कमी आएगी।

उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि हरी खाद ऐसी फसलें हैं जिन्हें विशेष रूप से मिट्टी की उर्वरता और संरचना को बढ़ाने और बनाए रखने के लिए उगाया जाता है। इन्हें आमतौर पर सीधे या फिर मिट्टी से निकालकर खाद बनाने के बाद वापस मिट्टी में मिला दिया जाता है। हरी खाद का उपयोग दलहनी फसलों में सन, ढैंचा, लोबिया, उड़द, मूंग, ग्वार आदि फसलों का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन फसलों की वृद्धि शीघ्र एवं कम समय में हो जाती है। पत्तियाँ बड़ी वजनदार एवं बहुत संख्या में रहती है एवं इनकी उर्वरक तथा जल की आवश्यकता कम होती है, जिससे कम लागत में अधिक कार्बनिक पदार्थ प्राप्त हो जाता है। यह मृदा में नाइट्रोजन की भरपूर आपूर्ति करती है। बोआई के 35-40 दिनों में (फूल आने से पहले) के बाद पलटने से 50-60 किग्रा./हे. नाइट्रोजन प्रदान करती है। हरी खाद के प्रयोग में मृदा भुरभुरी, वायु संचार में अच्छी, जलधारण क्षमता में वृद्धि, अम्लीयता, क्षारीयता में सुधार एवं मृदा क्षरण में भी कमी होती है। हरी खाद के प्रयोग से मृदा में सूक्ष्मजीवों की संख्या एवं क्रियाशीलता बढ़ती है तथा मृदा की उर्वरा शक्ति एवं उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है।

महासमुंद जनदर्शन में कलेक्टर श्री लंगेह ने सुनी आमजनों की समस्याएं, दिए निराकरण के निर्देश

महासमुंद जनदर्शन में कलेक्टर श्री लंगेह ने सुनी आमजनों की समस्याएं, दिए निराकरण के निर्देश

महासमुंद, 30 जून 2026/ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं एवं मांगें गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न जनहित से जुड़े विषयों पर कुल 85 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री लंगेह ने प्रत्येक आवेदन का अवलोकन कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण कर आम नागरिकों को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जनदर्शन में ग्राम पंचायत मामा भांचा के आश्रित ग्राम डोंगरीपाली के निवासियों ने गांव में बोर खनन, ग्राम बम्हनी के जागेश्वरी पाल ने भू अभिलेख में नाम सुधरवाने हेतु आवेदन दिया। इसी तरह जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना, अतिक्रमण, पीएम सम्मान निधि, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना एवं राशन कार्ड से संबंधित एवं अन्य आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। जनदर्शन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।