रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात में हुई विमान दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात में हुई विमान दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना को अत्यंत हृदयविदारक और दुखद घटना बताया है। उन्होंने इस भीषण दुर्घटना में मृत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल और शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

 

रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने यूनिसेफ,डबल्यूएचओ,एम्स सहित 05 संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक एमओयू

रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने यूनिसेफ,डबल्यूएचओ,एम्स सहित 05 संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक एमओयू

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन  में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने किया गया एमओयू

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा टीकाकरण कार्यक्रमों को मिलेगा तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन  में स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा तंत्र को मजबूत, समावेशी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में  ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 05 प्रमुख राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन  पर हस्ताक्षर किया है।  नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के साथ साझा दायित्वों और लक्ष्यों पर सहमति बनी। कार्यक्रम के दौरान सचिव, लोक स्वास्थ्य श्री अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ एस. के. पामभोई, संबंधित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल/उपसंचालक व सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

विदित हो कि प्रदेश में स्वास्थ्य संकेतकों में निरंतर सुधार लाने एवं योजनाओं तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन ने एक संगठित एवं समन्वित तंत्र के रूप में “छत्तीसगढ़ साथी” पहल को प्रारंभ किया है। इसके सुचारू संचालन के लिए शासन द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत विविध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना है।यह समिति एक ऐसा संस्थागत मंच प्रदान करती है, जिसके माध्यम से साझेदार संगठन अपनी विशेषज्ञता, अनुभव और तकनीकी सुझाव सीधे विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में संरचनात्मक सुधार, तकनीकी उन्नयन, जनसहभागिता और सेवा की पहुंच में व्यापक विस्तार सुनिश्चित करना है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर, सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज, बीवीएचए  सहित 05 संस्थाएं इस समझौते की साझेदार बनीं इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ के वार्षिक एक्शन प्लान पर विस्तृत चर्चा की गई ।

इस ऐतिहासिक एमओयू में शामिल संस्थाएं अपने-अपने विशिष्ट क्षेत्रों में राज्य सरकार के साथ मिलकर समन्वित रूप से कार्य करेंगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में सहयोग करेगा, वहीं यूनिसेफ पोषण, बाल स्वास्थ्य और मातृ सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) राज्य की संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम तथा रोग निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देगा। यूएनडीपी द्वारा टीकाकरण कार्यक्रमों को तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग मिलेगा, जबकि इविडेंस एक्शन राज्य में शिशु स्वास्थ्य और कृमि मुक्ति अभियान को सशक्त करेगा। सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से किशोरों के स्वास्थ्य और जागरूकता में सहयोग प्रदान करेगा, बीवीएचए लक्षित समुदायों के लिए विशेष स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के क्रियान्वयन में भागीदारी करेगा और निमहांस  मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार व सुदृढ़ीकरण में तकनीकी मार्गदर्शन देगा।

ये सभी संस्थाएं मिलकर छत्तीसगढ़ में बहुआयामी स्वास्थ्य सुधारों की एक समेकित और टिकाऊ रूपरेखा विकसित करने में राज्य सरकार की भागीदार बनेंगी।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार “स्वस्थ छत्तीसगढ़” की अवधारणा को धरातल पर साकार करने के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है, जिसमें इन संस्थाओं का सहयोग राज्य के लिए एक नई दिशा तय करेगा। इस समझौते के जरिए न सिर्फ़ दूरस्थ और अंतिम छोर में बसे व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी, बल्कि मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता में भी महत्वपूर्ण सुधार संभव होगा। यह समझौता मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता लाने की दिशा में भी कारगर सिद्ध होगा।

सरकार और साझेदार संस्थाओं ने इस अवसर पर यह विश्वास जताया कि यह सामूहिक पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों में अग्रणी राज्य बनाने में सहायक होगी और एक सशक्त, सुलभ तथा संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा तंत्र की नींव रखेगी।

 

महासमुंद जिले की शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय शालाएं युक्तियुक्तकरण से हुई समाप्त

महासमुंद जिले की शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय शालाएं युक्तियुक्तकरण से हुई समाप्त

629 शिक्षकों ने नवीन पदस्थ शालाओं में संभाला कार्यभार

राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए चलाए गए युक्तियुक्तकरण अभियान ने ठोस परिणाम आने शुरू हो गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत विशेष रूप से उन शालाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जहां या तो शिक्षक बिल्कुल नहीं थे या केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था संचालित हो रही थी। अब इन सभी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित कर दी गई है, जिससे नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था प्रारंभ हो जाएगी।

महासमुंद जिले में युक्तियुक्तकरण से पहले कुल 287 प्राथमिक शालाएं ऐसी थीं जो या तो शिक्षक विहीन थीं या केवल एक शिक्षक के सहारे चल रही थीं। इनके अलावा एक पूर्व माध्यमिक शाला और तीन हाई स्कूलों में भी शिक्षकों की भारी कमी थी। शिक्षा विभाग की सक्रियता और समुचित योजना के क्रियान्वयन के तहत अब जिले में ऐसी कोई शाला नहीं बची है, जहां शिक्षक उपलब्ध न हों। महासमुंद जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि, शिक्षा विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को पूर्ण किया है। अब जिले की कोई भी शाला शिक्षक विहीन नहीं है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में अब करेई अवरोध न हो और शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल ने प्रदेश में सुशासन के तहत शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। वर्षों से शिक्षक संकट से जूझ रहे विद्यालयों में अब नवपदस्थ शिक्षकों की उपस्थिति से विद्यार्थियों, अभिभावकों, ग्रामीणजनों और विद्यालय प्रबंधन समितियों में उत्साह और संतोष का वातावरण बना है।

ज्ञात हो कि कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की मौजूदगी में 01 और 02 जून को युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न की गई थी। सभी शिक्षकों को पदस्थापना आदेश प्रदान किए गए थे। शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 629 शिक्षकों ने विभिन्न शालाओं में पदभार ग्रहण किया है, जिनमें सहायक शिक्षक के 399, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के 12, सहायक शिक्षक विज्ञान के 08, शिक्षक के 127, प्रधान पाठक मिडिल स्कूल 01, व्याख्याता के 82 पद शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ में मोबाइल एप पर खुलेगी कर्मचारियों की कुंडली, सरकार के इस पहल से कर्मचारियों को बड़ा लाभ

छत्तीसगढ़ में मोबाइल एप पर खुलेगी कर्मचारियों की कुंडली, सरकार के इस पहल से कर्मचारियों को बड़ा लाभ

छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के हित में एक और बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब राज्य के करीब 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की पूरी सेवा जानकारी “एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप” और वेब पोर्टल के माध्यम से अपडेट की जाएगी। इस आधुनिक डिजिटल सुविधा से न केवल कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत जानकारी त्वरित रूप से प्राप्त होगी, बल्कि सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति जैसी समस्याएं भी समय रहते हल होंगी।

सीआर के लिए अब नहीं पलटनी होगी फाइलें
अब कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, जिसे आमतौर पर “कुंडली” कहा जाता है, को मैनुअल रिकॉर्ड से हटाकर मोबाइल एप (CG Employees Kundli) पर उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले सीआर (गोपनीय प्रतिवेदन) और अन्य दस्तावेजों को फाइलों में ढूंढने की मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब कर्मचारी खुद अपने फोन से लॉगिन कर अपनी जानकारी देख और अपडेट कर सकेंगे।

कार्मिक संपदा पोर्टल पर अपडेट होगा डेटा
सरकार ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब सभी कर्मचारियों की जानकारी कार्मिक संपदा पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया “एम्प्लाई कॉर्नर” नामक मोबाइल एप और वेब पोर्टल के माध्यम से पूरी होगी। यह प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को सेवा काल में होने वाले नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता अपडेट, पदोन्नति, स्थानांतरण और वेतन निर्धारण जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और त्वरित समाधान देगा।

जीपीएफ, पेंशन और अवकाश नगदीकरण जैसी सुविधाएं
सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ (जैसे कि पेंशन, जीपीएफ, उपादान और अवकाश नगदीकरण) का निपटारा अब डिजिटल माध्यम (CG Employees Kundli) से होगा। महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा भी पूरी तरह से ऑनलाइन प्रस्तुत किया जा सकेगा, जिससे संबंधित प्रक्रिया में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

वेतन विसंगति से लेकर मिसिंग जीपीएफ एंट्री तक हर समस्या का ऑनलाइन समाधान
संचालक कोष एवं लेखा रितेश अग्रवाल ने बताया कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर डेटा अपडेट न होने से कई बार कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के समय परेशानी होती थी। अब इस एप से कर्मचारी खुद अपनी जानकारी अपडेट कर सकेंगे, जिससे वेतन विसंगति और मिसिंग जीपीएफ जैसी समस्याओं का ऑनलाइन समाधान हो सकेगा। इसके लिए एक अलग “क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल” भी विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह डिजिटल पहल राज्य प्रशासन में पारदर्शिता, समयबद्धता और सुशासन की दिशा में एक ठोस कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारी अब किसी भी प्रक्रिया के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटें, बल्कि सारी जानकारी और कार्यप्रणाली मोबाइल एप के ज़रिए एक क्लिक पर उपलब्ध हो।

गुजरात के अहमदाबाद विमान हादसे में पूर्व CM रूपाणी का निधन:लंदन जा रही थी एयर इंडिया की फ्लाइट, 242 लोग सवार थे, सभी की मौत; 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश

गुजरात के अहमदाबाद विमान हादसे में पूर्व CM रूपाणी का निधन:लंदन जा रही थी एयर इंडिया की फ्लाइट, 242 लोग सवार थे, सभी की मौत; 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश

गुजरात के अहमदाबाद में बड़ा विमान हादसा हुआ है। यह हादसा अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास हुआ। बताया जाता है कि एयर इंडिया का बोईंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था। टेक ऑफ के समय यह हादसे का शिकार हो गया। जानकारी के मुताबिक विमान में दो पायलट और 10 केबिन क्रू समेत कुल 242 लोग सवार थे थे। फिलहाल हताहत लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम जारी है।

उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान
विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ाने भरने के तुरंत बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ने रनवे नंबर-23 से उड़ान भरी थी। यह विमान दिसंबर 2013 को एयर इंडिया के बेड़े में शामिल किया गया था। इस विमान का सीरियल नंबर 36279 है। इस बीच एयर इंडिया का बयान सामने आ गया है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री से बात कर हादसे की जानकारी ली है। इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे।

नागरिक उड्डयन मंत्री अहमदाबाद के लिए रवाना
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु विजयवाड़ा से अहमदाबाद के लिए रवाना हो रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “अहमदाबाद में विमान दुर्घटना के बारे में जानकर स्तब्ध और व्यथित हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से हालात पर नजर रख रहा हूं और सभी विमानन और आपातकालीन एजेंसियों को त्वरित और समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बचाव दल को तैनात कर दिया गया है और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि चिकित्सा सहायता और राहत सहायता घटनास्थल पर पहुंचाई जाए।”

रायपुर : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आरोग्य मेलों में लोगों ने ली रक्तदान की शपथ

रायपुर : विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर आरोग्य मेलों में लोगों ने ली रक्तदान की शपथ

आरोग्य मेलों के माध्यम से 10 हज़ार से अधिक लोगों ने लिया रक्तदान का संकल्प

गाँव-गाँव पहुँचा रक्तदान का संदेश: आयुष्मान आरोग्य मेलों में दिखा जनसहभागिता का अनूठा उत्सव

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आयोजित साप्ताहिक आरोग्य मेलों के माध्यम से रक्तदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने बुधवार को विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदेशभर के 3807 आरोग्य मेलों में 46 हज़ार से अधिक नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच करायी जिसमे  करीब 10 हजार से अधिक नागरिकों ने रक्तदान की शपथ ली तथा यह संकल्प दोहराया कि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी जरूरतमंद को समय पर रक्तदान कर जीवन बचाने में योगदान देंगे।

इस वर्ष की थीम ““Give blood, give hope: together we save lives” के अंतर्गत सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में रक्तदान पंजीकरण, शपथ समारोह, जागरूकता रैलियाँ एवं रक्तदाता सम्मान जैसे आयोजन संपन्न हुए। ग्राम पंचायतों में सरपंचों के मार्गदर्शन में भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे यह जनसहभागिता गाँव-गाँव तक पहुँची। प्रदेश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पोस्टर प्रदर्शनी, रक्तदान प्रेरणा रैली तथा आदर्श रक्तदाताओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। लोगों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए इसे मानवीय सेवा का पर्व बना दिया।

विभाग द्वारा बताया कि यह सामाजिक चेतना और सेवा भाव का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य है कि रक्तदान को हर जिले, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर जीवनदायिनी पहल के रूप में स्थापित किया जाए।” प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। सहभागी निर्माण की यह प्रक्रिया आने वाले समय में प्रदेश को आत्मनिर्भर रक्तदान तंत्र की दिशा में मजबूती देगी। रक्तदान न सिर्फ जीवन बचाता है, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और सेवा की भावना को भी  सुदृढ़ करता है।

’’रक्तदान की अवधि और पात्रता’’

कोई भी स्वस्थ व्यक्ति हर 3 से 4 महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है और यह शरीर के लिए सुरक्षित है। 18 से 65 वर्ष की उम्र के बीच कोई भी स्वस्थ नागरिक रक्तदान कर सकता है।

 

महासमुंद : अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर कलेक्टर ने बाल श्रम रोकने दिए निर्देश

महासमुंद : अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर कलेक्टर ने बाल श्रम रोकने दिए निर्देश

व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन जागरूकता से बाल श्रम रोकने किए जाएंगे उपाय

14 वर्ष से कम बच्चे पूर्णतः बाल श्रमिक की श्रेणी में

बाल श्रम पाए जाने पर 1098 पर कर सकते है शिकायत दर्ज

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर आज कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन सहित बाल श्रम न्यायालय, जिला बाल संरक्षण इकाई, चेम्बर ऑफ कॉमर्स, व्यवसायी संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री लंगेह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में किसी भी प्रकार से बाल श्रम की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का बचपन शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण में बीते, यह हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संयुक्त जांच दल द्वारा होटल, ढाबा, निर्माण स्थलों, दुकानों एवं अन्य संभावित स्थलों पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विकासखंडों में बाल श्रम विरोधी रैली, पोस्टर प्रदर्शन, रैली एवं स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाल संरक्षण समिति की बैठक हर माह आयोजित कर समीक्षा करने कहा है।

कलेक्टर ने कहा कि लंबे समय से स्कूलों में अनुपस्थित बच्चों को स्कूलों में पुनः प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही उनके परिवारों को शासन की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। जिले में 15 जून से 30 जून तक जिला स्तरीय बाल श्रम विरोधी अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर ने बाल श्रम की रोकथाम के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13, 14 तथा सहपठित धारा 15 के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र ने बताया कि जिले में टास्क फोर्स के माध्यम से वर्ष 2024 में कुल 92 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जिसमें श्रम विभाग द्वारा कुल 14 संस्थानों के विरूद्ध माननीय श्रम न्यायालय में अभियोजन दायर किया गया। माननीय श्रम न्यायालय द्वारा कुल 09 संस्थानों के विरूद्ध राशि 5000 रुपए की दर से कुल राशि 45 हजार रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। शेष 05 संस्थानों का प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। इसी तरह वर्ष 2025 (09 जून 2025 की स्थिति में) में कुल 52 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जिसमें श्रम विभाग द्वारा कुल 20 संस्थानों के विरूद्ध सूचना प्रदर्शन बोर्ड चस्पा नहीं होने के कारण धारा-12 अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है। जिसमें से कुल 12 संस्थानों के विरूद्ध माननीय श्रम न्यायालय में अभियोजन दायर किया गया। उक्त कुल 12 संस्थानों का प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।

उन्होंने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बालकों का नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। 14 वर्ष से कम आयु के बालकों से खतरनाक नियोजन को छोड़कर शिक्षा अवधि उपरांत पारिवारिक व्यवसाय में सुरक्षा प्रबंध के साथ कार्य लिया जा सकता है। इसी तरह 14 से 18 वर्ष आयु के किशोरी का खतरनाक व्यवसाय/प्रक्रियाओं (अधिसूचित-107 नियोजनों में) नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। मुख्य प्रतिबंधित क्षेत्र कारखाना, होटल एवं ढाबा, घरेलू कामगार, ईंट-भट्टा एवं खपरेल निर्माण कार्य, पत्थर खदान, ऑटो मोचाईल वर्कशॉप एवं गैरेज, बीड़ी उद्योग इत्यादि है।

बालक एवं किशोर श्रम नियोजन में दण्ड बाल श्रम का नियोजन करने वाले नियोजक को अधिनियम की धारा 14 के अंतर्गत 06 माह से 02 वर्ष तक का कारावास या राशि रूपये 20 हजार से 50 हजार तक जुर्माना अथवा दोनों से दण्डनीय होगा। बालक एवं किशोर श्रम की शिकायत के संबंध में टोल फ्री हेल्पलाईन 1800-2332-197 एवं 1098 में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

रायपुर : धमतरी जिले में एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं, सभी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने मिले टीचर्स, अब फैलेगा ज्ञान का उजियारा

रायपुर : धमतरी जिले में एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं, सभी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने मिले टीचर्स, अब फैलेगा ज्ञान का उजियारा

धमतरी के 133 स्कूलों से एकल शिक्षक का दर्जा हटा, हुई अन्य शिक्षकों की नियुक्ति

111 स्कूलों को गणित-विज्ञान के शिक्षक मिले

दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की पदस्थापना से जनप्रतिनिधियों, पालकों और बच्चों में खुशी की लहर

धमतरी जिले में स्कूलों और शिक्षकों के युतियुक्तकरण से सबसे ज्यादा फ़ायदा एक शिक्षक वाले स्कूलों को हुआ है। ऐसे 170 स्कूलों में से 133 स्कूलों को अतिरिक्त शिक्षक मिल गए है। दूरस्थ अंचलों में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय शाला होने से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा था, जो अब शिक्षकों के पदस्थापना से दूर होने जा रहा है। धमतरी जिले में युक्तियुक्तकरण के बाद शिक्षकों की पदस्थापना से बिना टीचर वाले तीन प्राथमिक और चार मिडिल स्कूलों में भी शिक्षकों की पदस्थापना हो गई है। इसके साथ ही 111 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों को गणित तथा विज्ञान विषयों के टीचर भी मिल गए है, इससे इन शालाओं में शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा।

राज्य शासन के दिशा-निर्देश में जिले में अतिशेष शिक्षकों के काउंसलिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने पश्चात जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों को अब न केवल नए शिक्षक मिले हैं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा भी सुनिश्चित हुई है। जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के बच्चों को टीचर्स की कमी के कारण पढ़ाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।  शिक्षक नहीं होने से बच्चों का भविष्य अधर में था। लेकिन आज युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शालाओं को शिक्षक मिलने से बच्चों के भविष्य के लिए आशा की एक नई किरण दिखने लगी है।

युक्तियुक्तकरण से पहले जिले के मैदानी इलाकों के स्कूलों में दर्ज संख्या के मान से अधिक शिक्षक कार्यरत थे और वहीं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में विद्यार्थियों की दर्ज संख्या के अनुपात से शिक्षक कार्यरत नहीं होने के कारण शिक्षक, छात्र-छात्राओं के अध्यापन कार्य में असंतुलन की स्थिति थी। टीचर्स के इस असंतुलित वितरण से कई विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई पर काफी नकारात्मक असर पड़ रहा था। गणित, विज्ञान, रसायन और भौतिकी विषय के शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने से छात्रों को इन विषयों पर पकड़ बनाने में दिक्कत होती थी। जिला प्रशासन ने इसे युक्तियुक्तकरण के माध्यम से दूर करने का काम किया गया है।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले के 111 स्कूलों में गणित विज्ञान के शिक्षक नहीं थे, ऐसे स्कूलों में विषय अनुसार टीचर्स नियुक्त किए गए हैं। युक्तियुक्तकरण से दूरस्थ अंचल जैसे दक्षिण मगरलोड नगरी विकासखंड और डूबान क्षेत्र में शिक्षकों की कमी को दूर कर समाधान निकाला गया है। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि युक्तियुक्तकरण पश्चात सभी शिक्षकों ने अपने आवंटित स्कूलों में ज्वाइन कर लिया है। इन क्षेत्रों में शिक्षकों की नियुक्ति से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पालकों और स्कूली बच्चों में उत्साह है। बच्चों की पढ़ाई में जो समस्या होती थी, अब उससे राहत मिल पाएगी। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

अटंग प्राइमरी स्कूल में 121 बच्चों पर केवल दो टीचर, अब तीन नए और मिले, संख्या पाँच हुई

विकासखंड कुरुद मुख्यालय से महज 4 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत अटंग के शासकीय नवीन प्राथमिक शाला प्रेमनगर अटंग में  121 बच्चे अध्ययनरत हैं। अत्यधिक दर्ज संख्या उपरांत भी विगत वर्षों से केवल दो शिक्षक एक प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक सहित स्थानीय व्यवस्था में वैकल्पिक शिक्षकों के भरोसे विद्यालय में अध्यपन कार्य संपादित हो रहे थे। अत्यधिक प्रयास के बाद भी बच्चों की पढ़ाई लिखाई में अपेक्षित गुणवत्ता प्राप्त कर पाना कठिन था। जिसके कारण शाला प्रबंधन समिति पदाधिकारियों, सरपंच और पालकों द्वारा शिक्षकों की मांग लगातार की जा रही थी। शासन द्वारा स्कूलों में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के द्वारा आज विद्यालय में 3 नए सहायक शिक्षकों  की पदस्थापना की गई है। इससे दर्ज विद्यार्थीयों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक की पूर्ति हो पाई है। युक्तियुक्तकरण से विद्यालय में शिक्षिका श्रीमती पार्वती बघेल, श्रीमती दूज कुर्रे और श्रीमती लक्ष्मी मुदलियार ने नवीन प्राथमिक शाला प्रेमनगर अटंग में कार्यभार ग्रहण किया। शासन के इस प्रक्रिया से शिक्षक मिलने पर  शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री उमेंद्र साहू, उपाध्यक्ष श्री शिवकुमार साहू, सही अन्य सदस्यों एवं पालकों ने ख़ुशी जाहिर की है ।

 

रायपुर : जल संसाधन विभाग में नए एसओआर का क्रियान्वयन शुरू 

रायपुर : जल संसाधन विभाग में नए एसओआर का क्रियान्वयन शुरू

इंजीनियरों के लिए आयोजित हो रही हैं प्रशिक्षण कार्यशालाएं

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जल संसाधन  विभाग के कार्याें में पारदर्शिता और क्रियान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से नवीन दर अनुसूची (एसओआर) को एक मई 2025 से लागू कर दिया गया है। जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सभी तकनीकी अधिकारियों को नवीन एसओआर को लेकर प्रशिक्षण दिए जाने हेतु कार्यशालाओं का आयोजन के साथ ही उप अभियंताओं को एसओआर बुकलेट की नवीन प्रति भी उपलब्ध करा दी गई है। जिसका उपयोग उप अभियंता निर्माण कार्यों के मूल्यांकन में कर रहे हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि नवीन एसओआर की संरचना पूर्व एसओआर से काफी भिन्न है। इसको ध्यान में रखते ए विभागीय सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो के मार्गदर्शन में तकनीकी कठिनाइयों के समाधान हेतु राज्यभर में कार्यशालाओं का आयोजन भी जल संसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है।

अब तक बिलासपुर, जांजगीर और दुर्ग जिलों में कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। इसी क्रम में सोमवार को रायपुर में भी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत महानदी परियोजना एवं महानदी गोदावरी कछार के अभियंताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसी कड़ी में 12 जून को विद्युत/यांत्रिकी विभाग के उप अभियंताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसी तरह सरगुजा और जगदलपुर क्षेत्रों के विभागीय अभियंताओं को नवीन एसओआर के प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग तिथियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन प्रशिक्षण कार्यशालाओं में दर अनुसूची के निर्माण, संकलन एवं विश्लेषण से जुड़ी तकनीकी टीम द्वारा नए और पुराने एसओआर का तुलनात्मक विश्लेषण संबंधी गहन जानकारी दी जा रही है। मैदानी अमले में कार्यरत अभियंताओं के प्रश्नों एवं शंकाओं का समाधान भी किया जा रहा है।  सचिव श्री टोप्पो ने जल संसाधन विभाग के सभी अधिकारियों को नवीन एसओआर का गहन अध्ययन कर विभागीय कार्यों के मूल्यांकन में पूरी सजगता के साथ उसका उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

 

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एमसीएच अलबेलापारा व शासकीय कोमलदेव अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एमसीएच अलबेलापारा व शासकीय कोमलदेव अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

मरीजों से बातचीत कर शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज कांकेर प्रवास के दौरान एमसीएच अस्पताल अलबेलापारा एवं शासकीय कोमलदेव अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संचालकों व स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान एमसीएच अस्पताल, अलबेलापारा फार्मेसी में दवाइयों की उपलब्धता की समीक्षा की और जेनेरिक दवाइयों के उपयोग एवं वितरण के निर्देश दिए। इसके पश्चात ‘नेक्स्ट जेन’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से रोगियों का पंजीकरण व मेडिकल रिकॉर्ड देखने का वर्कफ़्लो परीक्षण किया।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों (पहला बैच, कांकेर) से संवाद कर उनसे स्नातक उपरांत ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में सेवाएँ देने का आग्रह किया। फाइनल ईयर छात्र राहुल शर्मा ने गर्ल्स व बॉयज हॉस्टल में अलग-अलग पानी के बोर की मांग की, जिस पर मंत्री ने तत्काल नलकूप खनन के निर्देश कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर को दिए। नवजात शिशु कक्ष का निरीक्षण कर उसे और सुसज्जित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बाल चिकित्सा कक्ष में ईश्वर लाल मरकाम (13 वर्ष, विश्रामपुरी; मधुमेह से ग्रस्त) का स्वास्थ्य-इतिहास रेखांकित कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को बेहतर उपचार के लिए प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही थैलेसीमिया पीड़ित हिमांशु मरकाम (घोटवाही) के लिए नियमित रक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश प्रबंधन को दिए। राज्जो बाई कवाची (चिचकी, बड़गांव) से मुलाकात कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

शासकीय कोमलदेव अस्पताल का किया निरीक्षण

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एमआरआई कक्ष, कंसोल रूम व डायलिसिस रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने डायलिसिस कक्ष को आवश्यक उपकरण जैसे एयर कंडीशनर लगाने तथा विस्तार करने के आदेश दिए। अस्पताल परिसर में जहां पंखों की कमी थी, एक सप्ताह के भीतर स्थापित करने के निर्देश जारी किए। पुरूष वार्ड में श्री करूराम से मुलाकात कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। जनरल वार्ड में 86 वर्षीय श्री बृजलाल साहू बागोडार जिसके पैरों में सूजन थी, उनसे बातचीत की। इस पर बृजलाल ने कहा की उनका आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मुफ्त उपचार हो रहा है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये विष्णु का सुशासन है यहां अच्छे से इलाज होता है। इस दौरान श्रीमती रामबती निषाद (दुधावा) से आशीर्वाद लेते हुए उन्हें “ठीक हो जाबे, दाई, तय चिंता झन कर” कहकर उनका उत्साहवर्धन किया। स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों अस्पतालों में रोगियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने एवं समयबद्ध रूप से आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण करने का पुनः आश्वासन दिया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव श्री अमित कुमार कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, सांसद श्री भोजराज नाग, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत एवं अधिष्ठाता डॉ. खान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अस्पताल के स्टॉफ उपस्थित रहे।