बसना: सल्डीह-बहादुरपुर मार्ग के निर्माण के लिए चौदह करोड़ तीस लाख की प्रशासनिक स्वीकृति जारी विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने गडकरी, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री का जताया आभार

बसना: सल्डीह-बहादुरपुर मार्ग के निर्माण के लिए चौदह करोड़ तीस लाख की प्रशासनिक स्वीकृति जारी विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने गडकरी, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री का जताया आभार

 

सल्डीह-बहादुरपुर मार्ग के निर्माण के लिए 1430.50 लाख रुपये (चौदह करोड़ तीस लाख की प्रशासनिक स्वीकृति जारी विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने गडकरी, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री का जताया आभार,बोले-6.50 किमी लंबे इस मार्ग से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर बसना । बसना विधानसभा क्षेत्र के विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति देने के लिए लगातार सक्रिय बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के प्रयासों से क्षेत्रवासियों को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। छत्तीसगढ़ शासन ने महासमुंद जिले के अत्यंत महत्वपूर्ण सल्डीह-बहादुरपुर मार्ग के निर्माण के लिए 1430.50 लाख रुपये (चौदह करोड़ तीस लाख पचास हजार रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है।

विधायक डॉ. अग्रवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन, लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्रालय द्वारा यह स्वीकृति जिला महासमुंद के सल्डीह-बहादुरपुर मार्ग (मुख्य जिला मार्ग क्रमांक 340) के लिए जारी की गई है। इस परियोजना को वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल किया गया था।

विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि यह सड़क परियोजना महासमुंद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने और मूलभूत न्यूनतम सेवा की पूर्ति के उद्देश्य से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस 6.50 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के नागरिकों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।

इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक स्वीकृति पर विधायक डॉ. अग्रवाल ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, और उप मुख्यमंत्री अरुण साव का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस स्वीकृति को बसना विधानसभा क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

विधायक डॉ. अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार विकास को अपनी प्राथमिकता मानती है। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन को दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनने के बाद से बसना विधानसभा में लगातार विकास कार्यों की सौगात जनता को मिली है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं और कुछ प्रगति पर हैं। उनकी सरकार न केवल बड़े प्रोजेक्ट्स पर, बल्कि स्थानीय जरूरतों को समझकर जनता की छोटी-छोटी समस्याओं को भी प्राथमिकता दे रही है।

पिथौरा: आईटीआई के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि रूप में शामिल हुए विधायक डॉ संपत अग्रवाल,बोले-डिग्री नहीं, कौशल है असली सफलता की कुंजी

पिथौरा: आईटीआई के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि रूप में शामिल हुए विधायक डॉ संपत अग्रवाल,बोले-डिग्री नहीं, कौशल है असली सफलता की कुंजी

 

 

पिथौरा । क्षेत्र के युवाओं को कौशल विकास की राह पर आगे बढ़ाने वाले प्रतिष्ठित शिवा प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (Shiva Pvt. Industrial Training Institute) का 6वां कोपा (COPA) दीक्षांत समारोह पिथौरा के उजाला पैलेस में बड़े ही धूमधाम और गरिमामय तरीके से संपन्न हुआ। इस अवसर पर बसना विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद संस्थान के प्राचार्य और फैकल्टी सदस्यों ने विधायक डॉ. संपत अग्रवाल का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।।विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का दिन आप सभी होनहार विद्यार्थियों के जीवन का एक मील का पत्थर है। आपने मेहनत और लगन से प्रशिक्षण प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है। मेरा मानना है कि केवल डिग्री हासिल करना ही सफलता नहीं है, बल्कि उस ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण और अपने परिवार के उत्थान में करना ही सच्ची उपलब्धि है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है और तकनीकी कौशल की मांग लगातार बढ़ रही है। आप सभी युवाओं में अपार क्षमता है, बस उस क्षमता को सही दिशा देने की जरूरत है। तकनीकी शिक्षा आपको केवल रोजगार ही नहीं देती, बल्कि आपको आत्मनिर्भरता की ओर ले जाती है।

इसके बाद विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने 6th COPA दीक्षांत समारोह में सफल हुए विद्यार्थियों को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया। इस दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और गर्व का भाव स्पष्ट रूप से देखा गया।।सम्मान समारोह के उपरांत विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि मैं शिवा प्राइवेट आईटीआई संस्थान को इस बात के लिए बधाई देता हूँ कि वे ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को भी उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। आप सभी विद्यार्थी ‘स्किल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे महत्वाकांक्षी अभियानों की रीढ़ हैं। मेरा आप सभी से आह्वान है कि आप जिस भी क्षेत्र में जाएं, अपनी ईमानदारी, नवाचार (Innovation) और समर्पण से काम करें। याद रखें, असफलताएं केवल एक सबक होती हैं, उनसे सीखकर आगे बढ़ना ही जीवन का मूलमंत्र है। मैं आप सभी के सुनहरे भविष्य की कामना करता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि आप अपने ज्ञान से समाज और देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगे।

विधायक डॉ. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अब संस्थान के ‘ब्रांड एंबेसडर’ हैं और उनका कार्यक्षेत्र ही उनकी अगली प्रयोगशाला है। उन्होंने सभी को शुभकामनाएँ दी और भविष्य में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में संस्थान के संचालक, प्राचार्य, उषा पुरर्षोत्तम घृतलहरे जनपद अध्यक्ष, ब्रह्मानंद पटेल जनपद उपाध्यक्ष, रामदुलारी सिंहा जिला पंचायत सदस्य, सत्यनारायण अग्रवाल अध्यक्ष स्काउट गाइड संघ, स्वप्निल तिवारी जिला अध्यक्ष श्रमजीवी पत्रकार संघ, सीताराम सिंहा भाजपा नेता, सुरेंद्र पांडे विधायक प्रतिनिधि, कमली बसंत सरपंच ग्राम पंचायत टेका, एल के शर्मा डायरेक्टर शिवा आई टी आई, योगेश्वर डड़सेना, एफ ए नंद, नरेश नायक ,समस्त स्टाफ सदस्य, विद्यार्थी और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का एक यादगार पल बन गया।

महासमुंद : धान उपार्जन वर्ष 2025-26 हेतु संस्थागत पंजीयन, डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टा धारी किसानों के लिए पंजीयन अनिवार्य नहीं शासन द्वारा निर्देश जारी

महासमुंद : धान उपार्जन वर्ष 2025-26 हेतु संस्थागत पंजीयन, डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टा धारी किसानों के लिए पंजीयन अनिवार्य नहीं शासन द्वारा निर्देश जारी

महासमुंद छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य शासन के निर्णयानुसार कृषि विभाग एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। शासन द्वारा जारी आदेश अनुसार सभी जिलों के कृषक, जो समर्थन मूल्य पर धान बेचने के पात्र हैं, उन्हें निर्धारित समयावधि में पंजीयन कराना आवश्यक होगा।

शासन ने निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले सभी कृषक अपने भू-अधिकार पत्र, बैंक खाता विवरण और आधार संख्या के साथ एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकरण सुनिश्चित करें। यह पंजीयन प्रक्रिया कृषि विभाग द्वारा विकसित ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से की जा रही है।

राज्य शासन द्वारा यह भी निर्देश दिए गए है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत अपवाद के रूप में संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान (अधिया या रेगा) डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टा, ग्राम कोटवार प्रकारों के किसानों के लिए एग्रीस्टेक में पंजीयन करने की अनिवार्यता नहीं होगी।

महासमुंद: आईपीएस आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी की मांग

महासमुंद: आईपीएस आत्महत्या मामले में गिरफ्तारी की मांग

संवाददाता मोनेन्द्र कुमार व्यवहार की रिपोर्ट :-
महासमुंद  हरियाणा के आईपीएस अ धिकारी पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में अनुसुचित जाति के कर्मचारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी और जातिगत भेदभाव रोकने के लिये सख्त कानून की मांग तेज कर दी है। अजा संगठन ने राष्ट्रपति और सीजेआई के नाम ज्ञापन सौंपकर कहा है कि अधिकारी पुरन कुमार ने 7 अक्टूबर को अपने सरकारी क्वार्टर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने राज्य के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार जातिगत उत्पीड़न और मानसिक दबाव का उल्लेख किया है।

यह भी बताया गया कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा था और पदस्थापना व कार्य के दौरान भेदभाव झेलना पड़ा। इन परिस्थितियों से तंग आकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। संगठन ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी अब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में सर्व अनुसुचित जाति के संरक्षक तुलेन्द्र सागर, विजय बंजारे, देवेन्द्र रौतिया, सलाहकार दिनेश बंजारे जिलाध्यक्ष रेखराज बघेल, आनन्द कुर्रे, जे पी खटकर, आशाराम बांधे, राजेश रात्रे, घनश्याम जांगड़े, नंदकुमार कोसरे, संतराम कुर्रे, नरेंद्र रौतिया शामिल रहे।

CG बसना : आयुष्मान योजना के नाम पर ठगी, लेकिन भंवरपुर श्याम हॉस्पिटल ने बचाई मरीज की जेब और जान

CG बसना : आयुष्मान योजना के नाम पर ठगी, लेकिन भंवरपुर श्याम हॉस्पिटल ने बचाई मरीज की जेब और जान

 

भंवरपुर (जिला महासमुंद)।
बसना ब्लॉक के ग्राम पंचायत एवं उपतहसील भंवरपुर में स्थित श्री श्याम हॉस्पिटल आज आसपास के दर्जनों गांवों के मरीजों के लिए भरोसे का नाम बन गया है। बसना से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह अस्पताल ग्रामीण अंचल के मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ करवा रहा है। सरायपाली, भंवरपुर, सागरपाली, बिछिया, बड़े सजापाली, ढ़ालम, चनाट सहित आसपास के गांवों से प्रतिदिन मरीज इलाज के लिए यहां पहुँच रहे हैं।

अस्पताल में विभिन्न रोगों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार सेवाएं दे रही है / डॉ. रुमी नायक (MBBS, MD Radio-Diagnosis) — रेडियोलॉजी विशेषज्ञ हैं, जो अत्याधुनिक सोनोग्राफी, गर्भावस्था की जांच, लिवर, थायराइड, हार्ट व डॉपलर स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं।

डॉ. ललित जगत, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जोड़ों, रीढ़, फ्रैक्चर, सायटिका और घुटने के ऑपरेशन जैसी जटिल सर्जरी करते हैं। डॉ. भारती पटेल, शिशु रोग विशेषज्ञ, जो बच्चों की बीमारियों के साथ-साथ नॉर्मल और सीजेरियन डिलीवरी में कुशल हैं।

डॉ. कनी दयाल खरे (MCh Urology), मूत्र एवं गुर्दा रोगों के विशेषज्ञ, जो हर रविवार को मरीजों का परामर्श और ऑपरेशन करते हैं। अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, एक्स-रे, पैथोलॉजी, प्रसूति कक्ष, और अत्याधुनिक अल्ट्रासोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) के तहत पात्र मरीजों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है।

 

एक मरीज का अनुभव बना अस्पताल की पहचान

क्षेत्र के एक मरीज ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसने पहले एक चर्चित निजी अस्पताल में इलाज करवाने के लिए सम्पर्क किया । वहाँ उसे आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निशुल्क इलाज का भरोसा दिया गया, था लेकिन ज़ब पहुंचे तो अस्पताल प्रबंधन ने उससे लगभग ₹20,000 अतिरिक्त राशि की मांग की। आर्थिक परेशानी के कारण परिवार ने आगे इलाज के लिए भंवरपुर स्थित श्री श्याम हॉस्पिटल का रुख किया।
यहाँ उसका इलाज केवल आयुष्मान पैकेज के तहत किया गया और अस्पताल प्रबंधन ने एक रुपये भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया।

मरीज ने भावुक होकर बताया —

> “श्याम हॉस्पिटल ने बिना कोई अतिरिक्त पैसा लिए हमारा इलाज किया। यहाँ डॉक्टरों और स्टाफ का व्यवहार बहुत अच्छा है। हम उनका दिल से धन्यवाद करते हैं।”

 

हालांकि मरीज ने अपनी पहचान और उस अस्पताल जिसने ठगी की कोशिस की उसका नाम सार्वजनिक न करने का अनुरोध किया, लेकिन उसकी बातों से यह स्पष्ट हुआ कि श्याम हॉस्पिटल क्षेत्र के मरीजों के लिए सच्ची सेवा भावना से काम कर रहा है।

पारदर्शिता और जनहित की पहचान

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनका उद्देश्य ग्रामीण अंचल के मरीजों को बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध कराना है। यहाँ सभी चिकित्सक अनुभवी हैं और आयुष्मान योजना के नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन किया जाता है।

ग्रामीण मरीजों के लिए यह अस्पताल आज एक उम्मीद और भरोसे का केंद्र बन चुका है।
अब भंवरपुर और उसके आसपास के लोगों को रायपुर या महासमुंद जैसे शहरों की ओर भागना नहीं पड़ता — क्योंकि “श्री श्याम हॉस्पिटल” ने इलाज को सुलभ और पारदर्शी बना दिया है।

📍 स्थान: श्री श्याम हॉस्पिटल, भंवरपुर (सरायपाली रोड, तहसील बसना, जिला महासमुंद)
📞 संपर्क: 7772056711, 7772056655

नई GST लागू होने के बाद सीमेंट सरिया और बालू के दाम कितने कम हुए है

नई GST लागू होने के बाद सीमेंट सरिया और बालू के दाम कितने कम हुए है

New Prices Of Cement
New Prices Of Cement: भारत में घर बनाना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन पिछले कुछ समय से निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों ने इस सपने को पूरा करना मुश्किल बना दिया था। सीमेंट, सरिया और रेत जैसी बुनियादी निर्माण सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे थे, जिससे आम लोगों के लिए घर बनाना एक बड़ी चुनौती बन गया था। हालांकि, अब बाजार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकारी नीतियों और बेहतर आपूर्ति श्रृंखला के कारण निर्माण सामग्री के दामों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

सितंबर के अंतिम सप्ताह से बाजार में स्थिति में सुधार होना शुरू हुआ है। जीएसटी में मिली राहत, उत्पादन में वृद्धि और बेहतर खनन नीतियों ने मिलकर इस बदलाव को संभव बनाया है। सीमेंट, सरिया और बालू तीनों ही मुख्य निर्माण सामग्री के दाम घटे हैं, जो घर बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। यह समय उन परिवारों के लिए सुनहरा अवसर है जो लंबे समय से अपना घर बनाने का सपना देख रहे थे। आइए जानते हैं कि वर्तमान में बाजार में क्या स्थिति है और किस तरह से आप इसका लाभ उठा सकते हैं।

 

 

हाल के आंकड़ों के अनुसार, निर्माण सामग्री के दामों में काफी राहत मिली है। रेत की कीमत में प्रति ट्रॉली लगभग 700 रुपये की कमी आई है, जो पहले 4500 रुपये थी वह अब 3800 रुपये में उपलब्ध हो रही है। सरिया के दाम में 3 से 4 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि सीमेंट प्रति बैग 30 रुपये तक सस्ता हुआ है। यह परिवर्तन पूरे देश में देखा जा रहा है, हालांकि क्षेत्रीय अंतर के कारण कुछ राज्यों में दाम थोड़े अलग हो सकते हैं।

सरकार ने निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। वैध खदानों से रेत की आपूर्ति बढ़ाने के लिए विशेष अनुमति दी गई है और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। कई राज्यों में ऑनलाइन निगरानी प्रणाली लागू की गई है जो कीमतों पर नजर रखती है। स्टील और सीमेंट कंपनियों को नए प्लांट लगाने की मंजूरी मिली है जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ महीनों तक यह स्थिति बनी रहेगी, इसलिए निर्माण कार्य शुरू करने के लिए यह उपयुक्त समय है।

बालू की कीमतों में बड़ी राहत
बालू निर्माण का सबसे आवश्यक घटक है जिसका उपयोग नींव से लेकर प्लास्टरिंग तक हर काम में होता है। पिछले महीनों में बालू की कमी और अवैध खनन पर रोक के कारण इसके दाम आसमान छू रहे थे। छोटे बिल्डर्स और व्यक्तिगत घर निर्माताओं को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब सरकारी प्रयासों और बेहतर आपूर्ति के कारण बालू के दाम में गिरावट आई है।

वर्तमान में एक ट्रॉली बालू 3800 रुपये के आसपास मिल रही है जो पहले 4500 रुपये या उससे भी अधिक थी। इस गिरावट के पीछे वैध खदानों से आपूर्ति बढ़ना और एम-सैंड जैसे विकल्पों का उत्पादन बढ़ना मुख्य कारण हैं। बारिश का मौसम समाप्त होने से खनन कार्य भी तेज हुआ है। कई राज्यों में विशेष समितियां गठित की गई हैं जो बालू के दामों पर नियंत्रण रखती हैं और मनमानी कीमत वसूली से रोकती हैं।

सरिया के दाम में आई कमी
इमारत की मजबूती और स्थायित्व सरिया पर निर्भर करती है। कॉलम, बीम और छत के निर्माण में टीएमटी सरिया अनिवार्य है। अंतरराष्ट्रीय स्टील बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण पिछले समय में सरिया के दाम प्रभावित हुए थे। हालांकि, अब बाजार में स्थिरता आने से दाम घटे हैं। वर्तमान में सरिया के दाम पिछले महीने की तुलना में 3 से 4 रुपये प्रति किलोग्राम कम हुए हैं।

बाजार में विभिन्न ब्रांड्स के टीएमटी सरिया उपलब्ध हैं। टाटा टीएमटी 12 मिमी 72 से 75 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है। जिंदल पैंथर 70 से 73 रुपये, कामधेनु 68 से 71 रुपये और श्याम स्टील 69 से 72 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध हैं। यह गिरावट भले ही छोटी लगे, लेकिन बड़े निर्माण में यह हजारों रुपये की बचत करवाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दाम और स्थिर हो सकते हैं।

सीमेंट के दाम में मिली राहत
सीमेंट के बिना कोई भी निर्माण कार्य संभव नहीं है। जीएसटी में मिली राहत और उत्पादन बढ़ने से सीमेंट की कीमतों में गिरावट आई है। पहले जहां एक बैग सीमेंट 380 रुपये या उससे अधिक था, वहीं अब यह 350 रुपये के आसपास उपलब्ध है। यह लगभग 30 रुपये प्रति बैग की बचत है जो बड़े निर्माण में महत्वपूर्ण राशि बचाती है।

अल्ट्राटेक सीमेंट 360 से 380 रुपये, अंबुजा सीमेंट 350 से 370 रुपये, एसीसी सीमेंट 345 से 365 रुपये प्रति बैग में मिल रहा है। डालमिया सीमेंट 340 से 360 रुपये और बंगुर सीमेंट 335 से 355 रुपये में उपलब्ध है। क्षेत्रीय उपलब्धता और डीलर मार्जिन के कारण दाम में थोड़ा अंतर हो सकता है। सरकार द्वारा नए प्लांट लगाने की अनुमति और पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने से उत्पादन में वृद्धि हुई है।

सरकारी नीतियों का योगदान
निर्माण सामग्री के दामों में कमी के पीछे सरकार की कई नीतियां और प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। जीएसटी में राहत, खनन नीति में सुधार और आयात-निर्यात नियमों में संशोधन से बाजार में पारदर्शिता आई है। अवैध खनन और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई से मनमानी कीमत वसूली पर अंकुश लगा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य आवास परियोजनाओं के तहत निर्माण सामग्री की मांग स्थिर बनी हुई है। यह मांग उत्पादकों को बड़े पैमाने पर उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करती है जिससे प्रति इकाई लागत घटती है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना रेत खनन के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। कई राज्यों में ऑनलाइन प्रणाली से कीमतों की निगरानी की जा रही है जिससे उपभोक्ताओं को उचित दाम पर सामग्री मिल रही है।

 

घर बनाने वालों के लिए सुझाव
यदि आप इस समय घर बनाने की योजना बना रहे हैं तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले अपना बजट स्पष्ट रूप से तय करें और उसी के अनुसार निर्माण की योजना बनाएं। वर्तमान में सामग्री के दाम अनुकूल हैं इसलिए जल्द शुरुआत करना फायदेमंद रहेगा। सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता से कभी समझौता न करें क्योंकि घटिया सामग्री बाद में महंगी पड़ सकती है।

हमेशा आईएसआई मार्क वाला सरिया और प्रमाणित सीमेंट ही खरीदें। थोक में खरीदारी पर अच्छी छूट मिलती है। सीधे कंपनी के डीलर से संपर्क करके बिचौलियों को हटाकर 5 से 10 प्रतिशत तक बचत की जा सकती है। निर्माण कार्य के दौरान सामग्री की बर्बादी से बचें और सही मापतौल करें। एक अनुभवी इंजीनियर या आर्किटेक्ट की सलाह लेना शुरुआत में खर्चीला लग सकता है लेकिन यह लंबे समय में काफी पैसा बचाता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और मार्गदर्शन के उद्देश्य से लिखा गया है। निर्माण सामग्री की कीमतें क्षेत्र, समय और बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकती हैं। यहां दी गई कीमतें अनुमानित हैं और विभिन्न स्थानों पर भिन्न हो सकती हैं। कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय डीलरों से वर्तमान दरों की जानकारी अवश्य लें। निर्माण सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता की जांच करें और प्रमाणित उत्पाद ही खरीदें। किसी भी निर्माण संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य इंजीनियर या तकनीकी विशेषज्ञ से परामर्श करें।

CG: सरायपाली को ज़िला और  नवा रायपुर बन सकता है तहसील — प्रस्ताव शासन स्तर पर परीक्षण में

CG: सरायपाली को ज़िला और  नवा रायपुर बन सकता है तहसील — प्रस्ताव शासन स्तर पर परीक्षण में

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरायपाली को नया जिला और नवा रायपुर अटल नगर को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर परीक्षण हेतु भेजा गया है।

राजस्व विभाग ने नवा रायपुर को तहसील बनाने के लिए 42 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव विधि-विधायी विभाग को परीक्षण हेतु भेजा है। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो नवा रायपुर, रायपुर जिले की छठवीं तहसील बनेगी। इस फैसले से स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में रायपुर जिले में रायपुर, धरसीवा, अभनपुर, आरंग और मंदिर हसौद तहसीलें हैं। अब नवा रायपुर के जुड़ने से यह संख्या बढ़ जाएगी। माना जा रहा है कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।
इधर, सरायपाली क्षेत्र को नया जिला बनाने की संभावनाएं भी तेज़ हैं। विधायक चातुरी नंद के आवेदन पर राजस्व विभाग ने अध्ययन प्रारंभ कर दिया है :

छत्तीसगढ़ मे अंग्रेज हुकूमत काल के 14 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों की गाथा जीवंत होगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे देश के पहले पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण

छत्तीसगढ़ मे अंग्रेज हुकूमत काल के 14 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों की गाथा जीवंत होगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे देश के पहले पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण

 

अंग्रेजी हुकूमत के काल में छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य और बलिदान की स्मृति में नवा रायपुर, अटल नगर में निर्मित किए जा रहे भव्य संग्रहालय-सह-स्मारक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर इस संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज निर्माण स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बनाया जा रहा यह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए 14 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों के साथ-साथ जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर अलग-अलग गैलरियाँ बनाई जा रही हैं। संग्रहालय में आगंतुकों को इन जनजातीय आंदोलनों की जीवंत झलकें देखने और सुनने को मिलेंगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री शील ने कहा कि संग्रहालय में प्रदर्शित की जाने वाली सभी वस्तुओं और सामग्री को उनके मूल स्वरूप में ही प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ओरिएंटेशन रूम में प्रदर्शित की जाने वाली डाक्यूड्रामा हल्बी-गोंडी या अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार की जाए, ताकि यह स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बन सके। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सभी गैलरियों का भ्रमण किया और आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाने वाले आदिवासी विद्रोहों का संक्षिप्त परिचय देते हुए पूरे रूट चार्ट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आज ही संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की। श्री बोरा ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है कि देश का पहला पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों से लोकार्पित होने जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रधानमंत्री जी के लोकार्पण रूट-प्लान के अनुसार अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, संग्रहालय तक आने वाले पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण के कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय क्षेत्र में चौबीसों घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा गार्डनिंग और वृक्षारोपण की आवश्यक तैयारियाँ भी समय पर पूरी हों।

उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए प्रमुख आदिवासी विद्रोहों—हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, तथा झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह—के वीर नायकों के संघर्ष और शौर्य को 14 गैलरियों में जीवंत रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है।

बैठक में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वजीत, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संचालक अंत्यावसायी विकास निगम डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, डीआईजी छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं श्री सुरेश ठाकुर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के मुख्य अभियंता, तथा लोक निर्माण विभाग रायपुर के मुख्य और कार्यपालन अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

ओम हॉस्पिटल सरायपाली में एंबुलेंस ड्राइवरों की भर्ती जीवन बचाने वाली टीम में शामिल होने का मौका

ओम हॉस्पिटल सरायपाली में एंबुलेंस ड्राइवरों की भर्ती जीवन बचाने वाली टीम में शामिल होने का मौका

सरायपाली। ओम हॉस्पिटल सरायपाली ने एंबुलेंस ड्राइवरों के तीन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक मानव सेवा का अवसर है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, एंबुलेंस ड्राइवर का काम सिर्फ वाहन चलाना नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को सुरक्षित और तेज़ी से अस्पताल पहुंचाना भी है। ड्राइवर अस्पताल की आपात सेवा टीम का अहम हिस्सा होते हैं, जो हर पल तैयार रहते हैं — सड़क पर भी और सेवा के मैदान में भी।

ओम हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया कि इस पद के लिए वेतन पर चर्चा संभव (Salary Negotiable) है। इच्छुक उम्मीदवार तत्काल संपर्क करें —
📞 74161 61671, 83700 08558

अस्पताल का पता — एल.टी. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह कॉलेज के पास, राष्ट्रीय राजमार्ग, सरायपाली (छ.ग.)।

प्रबंधन का कहना है कि एंबुलेंस ड्राइवरों की जिम्मेदारी सिर्फ मरीज को लाना-ले जाना नहीं, बल्कि हर सफर में जीवन की उम्मीद पहुंचाना है।

महासमुंद में सड़क हादसे और मारपीट की चार अलग-अलग घटनाएँ दर्ज, पुलिस ने की कार्रवाई शुरू

महासमुंद में सड़क हादसे और मारपीट की चार अलग-अलग घटनाएँ दर्ज, पुलिस ने की कार्रवाई शुरू

महासमुंद जिले में बीते दो दिनों के भीतर सड़क दुर्घटनाओं और मारपीट की चार अलग-अलग घटनाएँ सामने आई हैं, जिनकी रिपोर्ट संबंधित थानों में दर्ज की गई है। पुलिस ने सभी मामलों में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

1.खरोरा के पास तेज रफ्तार हाइवा ने कार को मारी ठोकर :श्रीराम वाटिका वार्ड क्रमांक 03 महासमुंद निवासी शिक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि दिनांक 14 अक्टूबर को वह अपनी पत्नी के साथ रायपुर से लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार (क्रमांक CG 06 GV 4736) ग्राम खरोरा के पास “कशिश कार श्रृंगार” दुकान के सामने पहुँची, पीछे से आ रही हाइवा (क्रमांक CG 04 NQ 6884) ने तेज और लापरवाहीपूर्वक ठोकर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार घूमकर डिवाइडर से टकरा गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सौभाग्यवश दंपति को किसी प्रकार की चोट नहीं आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की है। (धारा 184-LKS, 281-BNS)

2.पुरानी रंजिश को लेकर युवक से मारपीट, चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज :वार्ड क्रमांक 07 नयापारा महासमुंद निवासी मजदूर ने शिकायत की है कि 1 अक्टूबर की शाम वह संतोषी मंदिर के पास दुर्गा माता विसर्जन कार्यक्रम देख रहा था, तभी मोहल्ले के कुछ युवकों ने उसे जबरन एक भवन के अंदर ले जाकर गाली-गलौज और मारपीट की।आरोपियों में योगेश चंद्राकर, सचिन पटेल, खिलेश भोसले और टिकेश्वर चंद्राकर शामिल हैं, जिन्होंने लोहे की साइकिल साकअप और हथौड़े से हमला कर घायल कर दिया। घायल को पहले जिला अस्पताल और फिर सोहम अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। (धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(3)-BNS)

3. तेज रफ्तार स्कूटी ने मारी ठोकर, बुजुर्ग घायल: वार्ड क्रमांक 16 त्रिमूर्ति कॉलोनी महासमुंद निवासी उद्योगपति ने रिपोर्ट दी कि उनके चाचा देवकी प्रसाद मित्तल, जो स्कूटी से घर लौट रहे थे, को ग्राम खरोरा से महासमुंद की ओर आ रही एक तेज रफ्तार स्कूटी (CG 06 GU 7842) के चालक ने पीछे से टक्कर मार दी।दुर्घटना में देवकी प्रसाद को सिर, कंधे, कमर और आंख के नीचे गंभीर चोटें आईं। उन्हें जिला अस्पताल से रेफर कर रायपुर के व्हीवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। (धारा 184-MOT, 125(a)-BNS, 281-BNS)

4. बेमचा में रात में ताश खेलने को लेकर विवाद, चार लोगों पर मारपीट का मामला दर्ज :वार्ड नंबर 01 बेमचा निवासी किसान ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 अक्टूबर की रात लगभग 10:30 बजे वह अपने साथी के साथ टहलने निकला था। पंचायत चौक पर कुछ लोग ताश खेलते हुए गाली-गलौज कर रहे थे। जब उन्होंने रोकने की कोशिश की तो विवाद बढ़ गया और नंदलाल, दादू निर्मलकर व उनके पिता श्रवण निर्मलकर ने उन्हें और उनके साथी लीलाधर साहू को गालियां देते हुए हाथ-मुक्कों और डंडे से मारपीट की। घटना में दोनों को चोटें आईं, जिन्हें इलाज के बाद थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। (धारा 115(2)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(3)-BNS) पुलिस ने सभी मामलों में अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।